3 Mar 2026, Tue

ईरान में जंग को लेकर पाकिस्तान और Pok में क्यों मारे गए 22 लोग? 100 से ज्यादा लोग घायल, जानें पूरा मामला

ईरान पर हमलों के बाद पाकिस्तान और PoK में हिंसक प्रदर्शन, 22 लोगों की मौत

ईरान के खिलाफ United States और Israel के लगातार जारी हमलों के बीच क्षेत्रीय तनाव अब अन्य देशों तक फैलता नजर आ रहा है। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei समेत कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौत के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भड़क उठे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा में कम से कम 22 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।

मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के Karachi और PoK के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। कराची में प्रदर्शन के दौरान कम से कम 10 लोगों की मौत और करीब 50 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। वहीं गिलगित-बाल्टिस्तान में 12 लोगों की जान गई और लगभग 80 लोग घायल बताए जा रहे हैं।

रविवार को कराची में ईरानी सरकार के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने शहर में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर मार्च किया और वहां घुसने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए। कई जगहों पर पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।

उधर, पाकिस्तान के उत्तरी हिस्से में प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र के कार्यालयों और सरकारी इमारतों को निशाना बनाने की कोशिश की। स्थानीय प्रशासन ने कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

इस बीच, पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि वह कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के बाहर जारी प्रदर्शनों पर नजर रखे हुए है। साथ ही इस्लामाबाद और पेशावर में संभावित प्रदर्शनों को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। दूतावास ने पाकिस्तान में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी है कि वे स्थानीय समाचारों पर नजर रखें, भीड़-भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें और सुरक्षा उपायों का पालन करें।

विश्लेषकों का मानना है कि ईरान पर हुए हमलों ने मुस्लिम बहुल देशों में व्यापक असंतोष पैदा किया है। कई देशों में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पाकिस्तान में यह गुस्सा सड़कों पर खुलकर दिखाई दे रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है।

क्षेत्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात जल्द नियंत्रित नहीं हुए तो यह अस्थिरता और बढ़ सकती है। दक्षिण एशिया में इस तरह के विरोध प्रदर्शनों का असर कूटनीतिक संबंधों और आंतरिक सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन स्थिति को काबू में करने की कोशिश में जुटा है और संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

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