भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट Ranji Trophy 2025-26 के फाइनल मुकाबले में हुबली के मैदान पर कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच खेले जा रहे मैच के दूसरे दिन एक बड़ा विवाद देखने को मिला। मुकाबला जहां रोमांचक मोड़ पर था, वहीं मैदान पर खिलाड़ियों के बीच तनाव ने सभी का ध्यान खींच लिया।
ऐतिहासिक फाइनल खेल रही है जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर की टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरे दिन तक 500 से अधिक रनों का मजबूत स्कोर खड़ा कर दिया। कप्तान Paras Dogra ने जिम्मेदार पारी खेलते हुए 70 रनों का अहम योगदान दिया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
101वें ओवर में हुआ विवाद
घटना जम्मू-कश्मीर की पारी के 101वें ओवर में हुई, जब कर्नाटक की ओर से तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा गेंदबाजी कर रहे थे। एक गेंद पर पारस डोगरा के बल्ले का किनारा लगा और गेंद चौके के लिए निकल गई। इसी दौरान फॉरवर्ड शॉर्ट लेग पर फील्डिंग कर रहे सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी KV Aneesh के पास डोगरा पहुंचे और दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई।
चश्मदीदों के अनुसार, इसी दौरान डोगरा ने अनीश के सिर पर अपना सिर मार दिया। यह दृश्य देखकर मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और दर्शकों के बीच हलचल मच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
मयंक अग्रवाल हुए नाराज
कर्नाटक के अनुभवी बल्लेबाज Mayank Agarwal ने जैसे ही यह घटना देखी, वह तुरंत डोगरा की ओर बढ़े और दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति को बिगड़ता देख फील्ड अंपायरों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अलग किया।
बताया जा रहा है कि सीनियर खिलाड़ी KL Rahul ने भी पारस डोगरा से बातचीत कर मामले को शांत करने की कोशिश की। कर्नाटक के कप्तान Devdutt Padikkal ने भी अंपायरों से इस घटना को लेकर चर्चा की।
डोगरा ने मांगी माफी
घटना के बाद पारस डोगरा ने अपनी हरकत के लिए केवी अनीश से माफी मांगी। हालांकि कर्नाटक टीम के खिलाड़ी इस व्यवहार से नाराज नजर आए। मैच अधिकारियों ने दोनों टीमों को खेल की भावना बनाए रखने की सलाह दी।
मैच पर क्या पड़ेगा असर?
इस विवाद के बावजूद जम्मू-कश्मीर की टीम ने अपनी बल्लेबाजी जारी रखी और मजबूत स्थिति में बनी रही। लेकिन इस घटना के बाद मैच रेफरी की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
रणजी ट्रॉफी जैसा प्रतिष्ठित टूर्नामेंट हमेशा खेल भावना और अनुशासन के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में फाइनल जैसे बड़े मंच पर हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि मैच रेफरी इस मामले में क्या फैसला लेते हैं और क्या इसका असर मुकाबले के परिणाम पर पड़ता है।

