चतरा प्लेन क्रैश: 2016 के नजफगढ़ एयर एंबुलेंस हादसे की दर्दनाक याद ताजा
नई दिल्ली: झारखंड के चतरा जिले में हुए दर्दनाक एयर एंबुलेंस हादसे ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्घटना में दो क्रू मेंबर और पांच यात्रियों समेत सभी सात लोगों की मौत हो गई। यह विमान एक गंभीर रूप से झुलसे मरीज को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ला रहा था, लेकिन रास्ते में ही क्रैश हो गया। इस घटना ने 2016 में दिल्ली के नजफगढ़ में हुई एक समान दुर्घटना की याद ताजा कर दी है।
क्या हुआ चतरा में?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के मुताबिक रेडबर्ड एविएशन का बीचक्राफ्ट किंग एयर BE9L विमान रांची से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान ने शाम 7:11 बजे उड़ान भरी और 7:34 बजे कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। खराब मौसम के कारण पायलटों ने मार्ग बदलने का अनुरोध किया था।
कुछ मिनटों बाद वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में विमान का संपर्क और रडार सिग्नल टूट गया। अधिकारियों का मानना है कि विमान संभवतः खराब मौसम या तूफान की चपेट में आ गया और घने जंगल में गिर गया।
दुर्घटनास्थल चतरा के जंगल क्षेत्र में था, जहां बचाव दल को शवों को लगभग दो किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ा। विमान में दो पायलट, एक मरीज और उसके परिजन समेत कुल सात लोग सवार थे। मरीज संजय, लातेहार जिले के चंदवा का निवासी था, जो होटल में शॉर्ट सर्किट हादसे में गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे दिल्ली के Sir Ganga Ram Hospital ले जाया जा रहा था।
2016 नजफगढ़ हादसा
यह हादसा 2016 में दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के Najafgarh में हुई एयर एंबुलेंस दुर्घटना से मिलता-जुलता है। उस समय भी पटना से दिल्ली आ रहा एक एयर एंबुलेंस विमान रनवे के पास पहुंचते ही दोनों इंजन फेल होने के कारण आपात स्थिति में आ गया था।
पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए कैर गांव के पास खुले मैदान में इमरजेंसी लैंडिंग कराई थी। उस हादसे में सात लोग सवार थे, जिनमें एक हृदय रोगी भी शामिल था। सौभाग्य से उस घटना में किसी की जान नहीं गई थी और केवल दो लोग घायल हुए थे।
चौंकाने वाली समानताएं
दोनों हादसों में कई हैरान करने वाली समानताएं सामने आई हैं:
दोनों ही विमान एयर एंबुलेंस थे।
दोनों में सात लोग सवार थे।
दोनों विमान बीचक्राफ्ट किंग एयर मॉडल के थे।
दोनों मरीजों को तत्काल इलाज के लिए ले जाया जा रहा था।
दोनों मामलों में उड़ान के दौरान तकनीकी या मौसम संबंधी आपात स्थिति उत्पन्न हुई।
जांच जारी
चतरा हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच शाखा और DGCA द्वारा की जा रही है। विमान संचालक के सुरक्षा रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर एयर एंबुलेंस सेवाओं की सुरक्षा, मौसम निगरानी और तकनीकी जांच प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े करता है। जहां 2016 में पायलट की सूझबूझ ने बड़ी त्रासदी टाल दी थी, वहीं इस बार सात जिंदगियां असमय खत्म हो गईं।

