24 Feb 2026, Tue

Nepal Election 2026: नेपाल में मतदान के बाद कितनी देर में आएंगे नतीजे, जानें चुनाव आयोग का प्लान

नेपाल आम चुनाव 2026: 24 घंटे में आएंगे नतीजे, चुनाव आयोग ने पूरी की तैयारी

Nepal में 5 मार्च 2026 को होने वाले आम चुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। एक्टिंग चीफ इलेक्शन कमिश्नर Ram Prasad Bhandari ने घोषणा की है कि मतदान के बाद बैलेट बॉक्स इकट्ठा होने के 24 घंटे के भीतर प्रत्यक्ष (डायरेक्ट) मतदान के नतीजे जारी कर दिए जाएंगे।

देशभर में करीब 18.9 मिलियन योग्य मतदाता House of Representatives (HoR) के 275 सदस्यों का चुनाव करेंगे। इनमें से 165 सांसद फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट (FPTP) प्रणाली के तहत सीधे चुने जाएंगे, जबकि 110 सदस्यों का चयन प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन (PR) सिस्टम के जरिए होगा।

क्या है चुनाव आयोग की रणनीति?

राम प्रसाद भंडारी ने एक निजी समाचार एजेंसी से बातचीत में बताया कि चुनाव आयोग ने बैलेट बॉक्स एकत्रित होते ही मतगणना शुरू करने की योजना बनाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि FPTP प्रणाली के तहत चुने जाने वाले 165 सीटों के परिणाम 24 घंटे के भीतर घोषित कर दिए जाएंगे।

हालांकि, प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन प्रणाली के तहत नतीजे घोषित करने में एक या दो दिन का समय लग सकता है, क्योंकि इसमें देशभर के वोट शेयर का समेकित विश्लेषण किया जाता है।

प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन सिस्टम क्या है?

नेपाल में PR प्रणाली के तहत मतदाता किसी उम्मीदवार के बजाय राजनीतिक पार्टी को वोट देते हैं। पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर 110 सीटें आवंटित की जाती हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य संसद में महिलाओं, दलितों, आदिवासियों, मधेसी समुदाय और अन्य अल्पसंख्यक समूहों को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। राजनीतिक दलों के लिए अनिवार्य है कि वे अपनी PR सूची में इन वर्गों को शामिल करें।

मतदान का समय और व्यवस्थाएं

चुनाव आयोग के प्रवक्ता Narayan Prasad Bhattarai ने जानकारी दी कि काठमांडू वैली के बाहर के क्षेत्रों में बैलेट पेपर पहले ही भेजे जा चुके हैं। काठमांडू, भक्तपुर और ललितपुर जिलों के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में बैलेट वितरण की प्रक्रिया मंगलवार रात तक पूरी कर ली जाएगी।

5 मार्च को मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। चुनाव आयोग ने 16 फरवरी से 2 मार्च तक राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को प्रचार की अनुमति दी है। 2 मार्च की आधी रात से साइलेंस पीरियड लागू हो जाएगा, जिसके दौरान किसी भी तरह का प्रचार प्रतिबंधित रहेगा।

नेपाल-भारत सीमा होगी सील

सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मतदान शुरू होने से 72 घंटे पहले नेपाल-भारत सीमा को अस्थायी रूप से सील कर दिया जाएगा। यह कदम चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव का दावा

चुनाव आयोग ने भरोसा दिलाया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई जाएगी। मतगणना की तेज प्रक्रिया से राजनीतिक दलों और मतदाताओं को जल्द परिणाम मिलने की उम्मीद है।

नेपाल के इस आम चुनाव को राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सबकी नजर 5 मार्च को होने वाले मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी है।

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