24 Feb 2026, Tue
Breaking

चुराने के मामले में लोगों ने फूल भी नहीं छोड़ा, वायरल Video देख हिल जाएगा दिमाग

नोएडा के शिवालिक पार्क का वीडियो वायरल, सजावट के फूल तोड़ते दिखे लोग

उत्तर प्रदेश के Noida से एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो नोएडा के शिवालिक पार्क का है, जहां किसी कार्यक्रम के लिए की गई फूलों की सजावट को लोग खुद ही नुकसान पहुंचाते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोगों की नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।

सजावट देखने नहीं, फूल ले जाने पहुंचे लोग?

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पार्क को किसी खास कार्यक्रम के लिए खूबसूरती से सजाया गया है। चारों ओर रंग-बिरंगे फूलों की सजावट की गई है ताकि आयोजन स्थल आकर्षक लगे। लेकिन कुछ लोग वहां से फूल तोड़कर अपने साथ ले जाते नजर आ रहे हैं।

वीडियो बनाने वाले शख्स की आवाज भी सुनाई देती है, जो कहता है, “लोग सजावट देखने नहीं आ रहे, बल्कि उसे खराब कर रहे हैं। सभी पढ़े-लिखे ही लग रहे हैं।” वहीं एक लड़की कुछ लोगों को ऐसा करने से रोकने की कोशिश करती दिखती है, लेकिन किसी पर इसका खास असर नहीं पड़ता।

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं

यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर @SurajKrBauddh नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो वायरल होते ही यूजर्स ने जमकर प्रतिक्रिया दी।

एक यूजर ने लिखा, “सिविक सेंस महंगी चीज है, सस्ते लोगों के पास नहीं मिलेगा।”
दूसरे यूजर ने कहा, “कोई इतना गंवार कैसे हो सकता है?”
तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, “मैथ और साइंस पढ़ लेने से कोई पढ़ा-लिखा नहीं हो जाता।”
वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “मुझे लगता है कि ये लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं।”

इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि लोगों में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के प्रति गहरी नाराजगी है।

सिविक सेंस पर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर सिविक सेंस यानी नागरिक जिम्मेदारी के मुद्दे को सामने लाती है। सार्वजनिक स्थानों पर सजावट या व्यवस्था आम लोगों के लिए ही की जाती है, लेकिन अगर लोग खुद ही उसे नुकसान पहुंचाने लगें, तो आयोजकों और प्रशासन के लिए यह चिंता का विषय बन जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ शिक्षा हासिल करना काफी नहीं है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक संपत्ति के प्रति सम्मान की भावना भी जरूरी है। ऐसे वीडियो समाज में जागरूकता फैलाने का काम करते हैं, लेकिन साथ ही हमारी सोच और व्यवहार पर भी सवाल खड़े करते हैं।

प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं

फिलहाल इस मामले में स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो हाल का है या पुराना। हालांकि सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा लगातार बढ़ रही है।

यह घटना बताती है कि तकनीक के दौर में हर गतिविधि कैमरे में कैद हो सकती है। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदार व्यवहार करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *