22 Feb 2026, Sun

UGC के नए नियम के खिलाफ लखनऊ में बड़ा प्रोटेस्ट, सड़क पर उतरे सवर्ण समाज के लोग, कानून वापस लेने की मांग

लखनऊ में शनिवार को यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सवर्ण समाज से जुड़े संगठनों ने सड़कों पर उतरकर “काला कानून वापस लो” के नारे लगाए और नियमों को भेदभावपूर्ण बताते हुए उन्हें तत्काल निरस्त करने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।

परिवर्तन चौक से शुरू हुआ प्रदर्शन

जानकारी के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन की शुरुआत परिवर्तन चौक से हुई। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी वहां जुटे और मार्च निकालते हुए यूजीसी के नए नियमों का विरोध किया। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए लखनऊ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भी तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी द्वारा बनाए गए नए नियम समाज के एक वर्ग के साथ भेदभाव करते हैं और इन्हें वापस लिया जाना चाहिए। सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि नियमों की परिभाषा समावेशी नहीं है और इससे सामाजिक विभाजन बढ़ सकता है।

मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

यूजीसी के इन नियमों के खिलाफ देश के कई हिस्सों में पहले भी विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। शीर्ष अदालत ने फिलहाल नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया यह नियम अस्पष्ट प्रतीत होते हैं और इनके व्यापक परिणाम हो सकते हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि इनका प्रभाव समाज को खतरनाक रूप से विभाजित करने वाला हो सकता है।

केंद्र और यूजीसी से मांगा जवाब

शीर्ष अदालत ने दायर तीन याचिकाओं पर केंद्र सरकार और University Grants Commission (यूजीसी) से 19 मार्च तक जवाब मांगा है। याचिकाओं में आपत्ति जताई गई है कि नियमों में जाति-आधारित भेदभाव को केवल अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के खिलाफ होने वाले भेदभाव तक सीमित रूप में परिभाषित किया गया है, जबकि सामान्य वर्ग को इसमें शामिल नहीं किया गया।

2012 का विनियमन बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने नियम 3(1)(सी) के तहत संस्थागत संरक्षण से सामान्य श्रेणी को बाहर रखने वाली परिभाषा को स्थगित करते हुए Supreme Court of India ने यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2012 को अगले आदेश तक बहाल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश पारित किया।

सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण प्रदर्शन

लखनऊ में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। पुलिस प्रशासन ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और कानून-व्यवस्था भंग नहीं होने दी गई।

फिलहाल सभी पक्षों की नजर 19 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां केंद्र और यूजीसी का पक्ष सामने आएगा। तब तक 2012 के नियम लागू रहेंगे और नए नियमों पर रोक जारी रहेगी।

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