Helicobacter pylori infection: गैस-एसिडिटी से लेकर कैंसर तक का खतरा, जानें लक्षण और जांच के तरीके
पेट में लाखों-करोड़ों बैक्टीरिया पाए जाते हैं। इनमें से अधिकतर हमारे पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन कुछ बैक्टीरिया सेहत के लिए गंभीर खतरा भी बन सकते हैं। ऐसा ही एक बैक्टीरिया है हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (एच. पाइलोरी), जो पेट में गैस, एसिडिटी, अल्सर और कुछ मामलों में पेट के कैंसर तक का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया की आधे से ज्यादा आबादी के पेट में यह बैक्टीरिया मौजूद है, लेकिन हर व्यक्ति में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते।
गैस और एसिडिटी का छुपा कारण
अक्सर लोग गैस, पेट फूलना या एसिडिटी जैसी समस्याओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन बार-बार होने वाली ये दिक्कतें एच. पाइलोरी संक्रमण का संकेत हो सकती हैं। यह बैक्टीरिया पेट की अंदरूनी परत में सूजन (गैस्ट्राइटिस) पैदा कर सकता है, जिससे पाचन तंत्र प्रभावित होता है। कई मामलों में यह संक्रमण ड्यूओडेनल अल्सर का कारण भी बन जाता है।
एच. पाइलोरी संक्रमण के प्रमुख लक्षण
हालांकि कई लोगों में कोई लक्षण नहीं होते, लेकिन जब संक्रमण गंभीर हो जाता है तो ये संकेत दिखाई दे सकते हैं—
पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या जलन
पेट में सूजन और भारीपन
थोड़ी मात्रा में खाना खाने के बाद ही पेट भरा हुआ महसूस होना
भूख कम लगना
मतली या उल्टी
गहरे या तारकोल जैसे रंग का मल (आंतरिक रक्तस्राव का संकेत)
खून बहने वाले अल्सर
डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक अनदेखी करने पर यह संक्रमण पेट की परत में असामान्य बदलाव ला सकता है, जिससे पेट के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि एच. पाइलोरी से कैंसर होना दुर्लभ है, फिर भी इसे पेट के कैंसर का एक प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है, खासकर उन देशों में जहां कम उम्र में संक्रमण आम है।
जांच कैसे कराएं?
अब लोग इस संक्रमण को लेकर जागरूक हो रहे हैं, लेकिन सही जांच के बारे में जानकारी कम है। एच. पाइलोरी की जांच दो तरीकों से की जाती है—इनवेसिव और नॉन-इनवेसिव।
1. इनवेसिव टेस्ट:
एंडोस्कोपी के जरिए पेट के अंदर से सैंपल लेकर कल्चर टेस्ट किया जाता है।
2. नॉन-इनवेसिव टेस्ट:
ब्लड टेस्ट
स्टूल एंटीजन टेस्ट
यूरिया ब्रीथ टेस्ट
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लड टेस्ट की सेंसिटिविटी और स्पेसिफिसिटी अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे कुछ पॉजिटिव केस छूट सकते हैं। वहीं यूरिया ब्रीथ टेस्ट और स्टूल एंटीजन टेस्ट ज्यादा सटीक और विश्वसनीय माने जाते हैं।
टेस्ट से पहले रखें ये सावधानी
अगर आप एच. पाइलोरी की जांच कराने जा रहे हैं, तो टेस्ट से कम से कम दो हफ्ते पहले एंटीबायोटिक और एंटी-एसिड दवाओं का सेवन बंद कर दें। इससे जांच की रिपोर्ट अधिक सटीक आती है।
कब डॉक्टर से मिलें?
अगर आपको लंबे समय से गैस, एसिडिटी, पेट दर्द या भूख न लगने जैसी समस्या बनी हुई है, तो इसे हल्के में न लें। समय रहते जांच और इलाज से अल्सर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।

