18 Feb 2026, Wed

Ramadan 2026 Chand Dekhne Ki Dua: रमजान का चांद दिखते ही पढ़ें ये खास दुआ, देखें हिंदी, अरबी और अंग्रेजी लिरिक्स

Ramadan 2026: रमजान का चांद दिखने पर पढ़ी जाती है ये खास दुआ, जानिए अरबी, हिंदी और अंग्रेजी लिरिक्स

नई दिल्ली: Ramadan की शुरुआत चांद के दीदार के साथ होती है। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार नया महीना चांद दिखने के बाद ही शुरू माना जाता है। साल 2026 में सऊदी अरब में 17 फरवरी को और भारत में 18 फरवरी को रमजान का चांद नजर आने की उम्मीद जताई जा रही है।

रमजान का चांद दिखते ही मुसलमान खास दुआ पढ़ते हैं और अल्लाह से रहमत, बरकत और सलामती की दुआ मांगते हैं। माना जाता है कि इस मुबारक मौके पर की गई दुआएं खास तौर पर कबूल होती हैं।

रमजान चांद देखने की दुआ (हिंदी में)

दुआ:
अल्लाहुम्मा अहिल लहू अलैना बिल अमनि वल इमानि वस सलामति वल इस्लामि वत तौफीकि लिमा तुहिब्बु व तरज़ा रब्बी व रब्बुकल लाह।

हिंदी अर्थ:
ऐ अल्लाह! इस चांद को हमारे ऊपर अमन, ईमान, सलामती और इस्लाम के साथ ला। (ऐ चांद!) मेरा और तेरा रब अल्लाह है।

रमजान चांद देखने की दुआ (अरबी में)

“اَللّٰهُمَّ أَهِلَّهُ عَلَيْنَا بِالْيُمْنِ وَالْإِيمَانِ وَالسَّلَامَةِ وَالْإِسْلَامِ، رَبِّي وَرَبُّكَ اللّٰهُ”

रमजान चांद देखने की दुआ (English Transliteration)

Allahumma ahlilhu ‘alaina bil-yumni wal-iman, was-salamati wal-Islam, rabbi wa rabbuk Allah.

Meaning:
O Allah, bring it over us with blessing and faith, and security and Islam. My Lord and your Lord is Allah.

दुआ पढ़ने का तरीका

जब आसमान में रमजान का चांद नजर आए तो कुछ क्षण उसे देखकर अल्लाह का शुक्र अदा करें। इसके बाद दिल से यह दुआ पढ़ें। कई लोग हाथ उठाकर दुआ करते हैं, जबकि कुछ लोग बिना हाथ उठाए भी पढ़ते हैं। इस दुआ का मकसद सिर्फ अल्फाज दोहराना नहीं, बल्कि दिल से अल्लाह से जुड़ना है।

रमजान का महत्व

रमजान इस्लाम का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने में रोजा रखा जाता है, कुरआन की तिलावत की जाती है और जरूरतमंदों की मदद की जाती है। यह महीना आत्मशुद्धि, सब्र और अल्लाह की इबादत का प्रतीक है।

चांद देखने की यह दुआ इस बात की याद दिलाती है कि हर नया महीना एक नई शुरुआत लेकर आता है। रमजान का चांद ईमान को मजबूत करने और नेक राह पर चलने का पैगाम देता है।

मुस्लिम समाज में इस दिन खास रौनक देखने को मिलती है। मस्जिदों में इबादत की तैयारी शुरू हो जाती है और लोग एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद देते हैं।

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