18 Feb 2026, Wed

गर्मी आई नहीं कि लोग पीने लगे हैं गन्ने का रस, क्या ये सेहत के लिए ठीक है? किन बातों का रखें ख्याल

फरवरी में गन्ने का रस पीना कितना सही? बदलते मौसम में जानें फायदे और सावधानियां

नई दिल्ली: बाजार में इन दिनों गन्ने का रस बिकना शुरू हो गया है। फरवरी का महीना अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ और हल्की गर्माहट के साथ लोग ठंडी चीजें खाना-पीना शुरू कर चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या गर्मी आने से पहले गन्ने का रस पीना सेहत के लिए ठीक है?

क्या बदलते मौसम में गन्ने का रस पीना सही है?

गन्ने का रस आमतौर पर गर्मियों का पेय माना जाता है। यह शरीर को ठंडक पहुंचाता है और लू व तेज धूप से बचाने में मदद करता है। लेकिन फरवरी का मौसम संक्रमण काल होता है, जब सर्दी से गर्मी की ओर बदलाव शुरू होता है। ऐसे समय में शरीर का इम्यून सिस्टम थोड़ा संवेदनशील रहता है।

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में बहुत ज्यादा ठंडी तासीर वाली चीजों का सेवन करने से सर्दी-जुकाम, गले में खराश या बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गन्ने का रस फायदेमंद जरूर है, लेकिन इसकी जरूरत मई-जून की तेज गर्मी में ज्यादा होती है।

गन्ने का रस पीते समय रखें ये सावधानियां

अगर आप सिर्फ स्वाद के लिए गन्ने का रस पी रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:

  • कोशिश करें कि दिन के समय, जब हल्की धूप हो और तापमान ज्यादा हो, तभी इसका सेवन करें।

  • गन्ने के रस में बर्फ बिल्कुल न मिलाएं। ठंडा रस गले को नुकसान पहुंचा सकता है।

  • इसमें थोड़ा नींबू रस या अदरक मिलाकर पीना बेहतर रहता है, जिससे पाचन बेहतर होता है और ठंडी तासीर का असर कम होता है।

  • रोजाना गन्ने का रस पीने की आदत न डालें। एक बार में 100 से 200 मिलीलीटर से ज्यादा सेवन न करें।

  • साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। सड़क किनारे बिकने वाले जूस में स्वच्छता की जांच जरूर करें।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

डायबिटीज के मरीजों को गन्ने का रस सीमित मात्रा में या डॉक्टर की सलाह के बाद ही पीना चाहिए, क्योंकि इसमें प्राकृतिक शर्करा अधिक मात्रा में होती है। वहीं जिन लोगों को बार-बार गले में संक्रमण या सर्दी की समस्या रहती है, उन्हें इस मौसम में इसका सेवन टालना चाहिए।

निष्कर्ष

गन्ने का रस सेहत के लिए लाभकारी है, लेकिन हर मौसम में इसकी मात्रा और समय का ध्यान रखना जरूरी है। फरवरी जैसे बदलते मौसम में संतुलित मात्रा में और सावधानी के साथ इसका सेवन किया जा सकता है। सेहत को प्राथमिकता दें और खान-पान में संयम बरतें।


डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी प्रकार का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, डाइट में बदलाव करने या बीमारी से संबंधित उपाय अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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