18 Feb 2026, Wed

1.80 लाख रुपये सस्ती हुई चांदी, सोने के भाव में 38,000 रुपये की गिरावट- जानें लाइफटाइम हाई से कितनी नीचे आई कीमतें

सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, लाइफटाइम हाई से लाखों रुपये सस्ता हुआ भाव

नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच मंगलवार को भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। जनवरी 2026 में ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अब कीमती धातुओं के दामों में भारी कमी दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange of India) यानी MCX पर मंगलवार को चांदी की कीमत 4,685 रुपये की गिरावट के साथ 2,35,206 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह इसके लाइफटाइम हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम से 1,80,157 रुपये कम है।

सोने में भी जारी है गिरावट

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। MCX पर सोना 1,210 रुपये की गिरावट के साथ 1,53,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह अपने ऑल टाइम हाई 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम से 38,336 रुपये कम है।

29 जनवरी 2026 को सोना और चांदी दोनों ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। उस दिन निवेशकों की भारी खरीदारी और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते कीमतें आसमान छू गई थीं। हालांकि, इसके बाद से लगातार मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी के कारण दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

सर्राफा बाजार में क्या है हाल?

दिल्ली के सर्राफा बाजार में भी कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। 29 जनवरी 2026 को चांदी 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जबकि सोना 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रिकॉर्ड स्तर पर था।

सोमवार, 16 फरवरी को दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 5,000 रुपये की गिरावट के साथ 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। यह अपने ऑल टाइम हाई से 1,49,500 रुपये सस्ती हो चुकी है। वहीं सोना 700 रुपये की तेजी के साथ 1,59,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, हालांकि यह भी अपने उच्चतम स्तर से 23,800 रुपये कम है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद बाजार में करेक्शन आना स्वाभाविक था। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डॉलर की मजबूती, बॉन्ड यील्ड में बदलाव और वैश्विक आर्थिक संकेतकों का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है।

फिलहाल कीमतों में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन निवेशकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर भी साबित हो सकती है, जबकि अल्पकालिक ट्रेडर्स को बाजार के रुझान पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

आगे क्या रहेगा ट्रेंड?

विश्लेषकों का कहना है कि यदि वैश्विक बाजार में स्थिरता रहती है और डॉलर में नरमी आती है, तो सोना-चांदी में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव सीमित दायरे में रहने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *