सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुणे की सड़कों पर एक कुत्ते को ऑटो रिक्शा की छत पर बैठे हुए देखा जा सकता है। यह दृश्य देखकर लोग दंग रह गए, क्योंकि कुत्ता न तो हिलता-डुलता है, न नीचे उतरने की कोशिश करता है और न ही भौंकता है। उसकी शांति और संतुलन ने वीडियो देखने वालों को रोमांचित कर दिया।
वीडियो का वायरल होना
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @gaurav_satish_gawade नामक हैंडल से शेयर किया गया। वीडियो की शुरुआत में देखा जा सकता है कि ऑटो रिक्शा ट्रैफिक के बीच से गुजर रहा है और छत पर बैठा कुत्ता पूरी तरह से शांत है। वह अपने चारों ओर हो रही हलचल को ध्यान से देखता है और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं देता। यहां तक कि जब ऑटो रिक्शा स्पीड ब्रेकर पार करता है, तब भी कुत्ता स्थिर रहता है और संतुलन बनाए रखता है। वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है: “डॉन महंत्यत डॉन”, जो कुत्ते की शांति और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो को देखने के बाद यूजर्स की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने लिखा, “डोगेश भाई का जलवा है!” जबकि दूसरे ने मज़ाकिया अंदाज में कहा, “धीरे चलो, डोगेश भाई आगे बढ़ रहे हैं।” तीसरे यूजर ने कहा, “कुत्ते की लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।” इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों को न केवल हंसाया, बल्कि कुत्तों की शांति और समझदारी की सराहना भी कराई।
पुणे और मुंबई के कुत्तों की वायरल कहानियां
मुंबई में हाल ही में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें पुलिस ने आवारा कुत्ते ‘पाइरेट’ को अपना साथी बना लिया। वीडियो में देखा गया कि कुत्ता आत्मविश्वास से पुलिस वैन में चढ़ता, बाहर निकलता और पुलिसकर्मियों के साथ खेलता है। इस वीडियो के कैप्शन में लिखा गया: “कोई डर नहीं। कोई भेदभाव नहीं। बस विश्वास, प्रेम और आपसी सम्मान। यही होता है जब इंसान दयालुता को चुनता है।”
पुणे का यह वीडियो इसी तरह की इंसान-प्राणी के अनोखे रिश्ते की मिसाल है। ऑटो की छत पर बैठे कुत्ते की शांति, संतुलन और आत्मविश्वास ने दर्शकों का दिल जीत लिया है और इसे सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।
निष्कर्ष
वायरल वीडियो न केवल मनोरंजन करता है बल्कि जानवरों के प्रति संवेदनशीलता और जुड़ाव भी बढ़ाता है। पुणे का यह कुत्ता सोशल मीडिया स्टार बन चुका है और इसके वीडियो को देखकर लोग भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। यह साबित करता है कि कुछ नायाब नायक चार पैरों पर भी हो सकते हैं।

