पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के तरलाई इमामबाड़ा में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान भीषण धमाका हुआ। यह विस्फोट इतना तेज था कि इसकी आवाज लगभग 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ब्लास्ट में 25 से अधिक लोगों की मौत हुई है और कई घायल बताए जा रहे हैं।
पुलिस और रेस्क्यू टीम 1122 तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को निकाला। उन्हें पॉलीक्लिनिक, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और सीडीए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां इमरजेंसी घोषित कर दी गई। कई घायलों को सीपीआर भी दी जा रही है।
धमाके और बलूचिस्तान ऑपरेशन का संबंध?
इस ब्लास्ट की घटना बलूचिस्तान में पाकिस्तानी फौज द्वारा हाल ही में संपन्न मिलिट्री ऑपरेशन Radd-ul-Fitna 1 के ठीक एक दिन बाद हुई। बलूचिस्तान में गुरुवार को समाप्त हुए इस ऑपरेशन में 216 विद्रोहियों को मार गिराया गया था। यह ऑपरेशन बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा और विद्रोही हमलों के जवाब में किया गया था।
अब सवाल यह उठता है कि क्या इस्लामाबाद में हुए धमाके का बलूचिस्तान ऑपरेशन से कोई संबंध है। पाकिस्तान सुरक्षा विशेषज्ञ इस पर अलग-अलग राय रख रहे हैं। कुछ का कहना है कि यह संभव है कि बलूचिस्तानी विद्रोही इस धमाके के पीछे हों, जबकि कुछ का मानना है कि खाइबर पख्तूनख्वा के पश्तून या तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का हाथ भी हो सकता है।
जिम्मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली
इस्लामाबाद धमाके की जिम्मेदारी किसी संगठन ने अभी तक स्वीकार नहीं की है। सरकार और सेना इस हमले की तफ्तीश में जुटी हैं। पाकिस्तान के लिए यह घटना सुरक्षा की गंभीर विफलता मानी जा रही है, क्योंकि राजधानी में होने वाले इस प्रकार के हमले देश की आंतरिक सुरक्षा पर सवाल खड़े करते हैं।
पाकिस्तान सेना और सरकार की मुश्किलें
पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर और सरकार इस समय लगातार सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। बलूचिस्तान ऑपरेशन से लौटने के सिर्फ एक दिन बाद राजधानी में धमाका होना, सुरक्षा एजेंसियों के लिए सावधान करने वाला संकेत है। यह घटना सरकार और सेना के सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाती है।
निष्कर्ष
इस्लामाबाद धमाका पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। बलूचिस्तान ऑपरेशन और राजधानी में धमाके के बीच संभावित कनेक्शन की जांच जारी है। देशभर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं, और यह घटना पाकिस्तान के नागरिकों के लिए सतर्क रहने का संदेश देती है।

