बजट सत्र 2026: विपक्ष के हंगामे के बीच पीएम मोदी राज्यसभा में बोल सकते हैं
संसद का बजट सत्र 2026 लगातार विवादों और हंगामों से घिरा हुआ है। बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन टल गया था। विपक्षी दलों की महिला सांसदों ने पीएम की कुर्सी को घेरकर हंगामा किया, जिसे भाजपा ने हमले की साजिश करार दिया। इस घटना के बाद बजट सत्र की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और संसद में माहौल तनावपूर्ण हो गया।
गुरुवार को पीएम मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दे सकते हैं। इस दौरान वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों का भी जवाब दे सकते हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के लिए कुल 16 घंटे का समय निर्धारित है, लेकिन विपक्ष के सांसदों की ओर से हंगामा जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
हंगामे पर राजनीतिक बयान
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर की गई टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि यह भारत की राजनीति और मूल्यों के लिए चिंता का विषय है। वहीं कांग्रेस नेता उदित राज ने राहुल गांधी के बयान को मजाक में कहे गए शब्दों के रूप में पेश किया और इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप भाजपा पर लगाया।
संसद में हंगामे पर कांग्रेस सांसदों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रमोद तिवारी ने कहा कि भारत-अमेरिकी समझौते और जनरल नरवणे के प्रशस्ति पत्र के बाद यह पहली बार हुआ है कि प्रधानमंत्री जनता और संसद का सामना करने का साहस नहीं जुटा पाए। मल्लु रवि ने कहा कि हंगामे व्यवस्था की विफलता का संकेत हैं और नियमों का पालन न होने पर सरकार को भी आलोचना झेलनी पड़ती है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने विपक्ष को इतना हताश और बचकाना व्यवहार करते नहीं देखा। वहीं संसद परिसर में राज्यसभा के विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में लोकसभा और राज्यसभा दोनों के विपक्षी दलों की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे।
लोकसभा में बुधवार को पीएम मोदी का भाषण टलने के बाद सभी की नजरें गुरुवार को राज्यसभा पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने के साथ ही विपक्ष के आरोपों का भी जवाब देंगे। संसद के बजट सत्र में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जारी टकराव से यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम बन गया है।

