नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026:
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन वार्ता के बाद ऐलान किया कि अब ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर अमेरिका में टैरिफ दर घटाकर 18% कर दी गई है। यह कदम भारत-अमेरिका के बीच तनावपूर्ण व्यापारिक संबंधों में सुधार का संकेत माना जा रहा है।
इससे पहले अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर 50% तक की उच्च टैरिफ दर लगाई थी, जिससे भारतीय निर्यातकों को भारी वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ा था। इस ऐलान के बाद अब भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में कम शुल्क और बेहतर प्रतिस्पर्धात्मक अवसर मिलेंगे।
प्रधान मंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका के साथ सकारात्मक संवाद और द्विपक्षीय समझौते भारत के निर्यातकों के लिए सहायक सिद्ध होंगे।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस विकास का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम भारतीय व्यापार और निर्यात उद्योग के लिए बड़ी राहत है। उन्होंने कहा,
“यह न केवल टैरिफ में कमी लाता है, बल्कि हमारे उत्पादकों और निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त भी देता है। यह भारत-अमेरिका संबंधों में नया अध्याय है।”
विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से कृषि उत्पादों, टेक्सटाइल, रासायनिक और इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यातकों को विशेष लाभ मिलेगा। भारतीय कंपनियों के लिए यह अमेरिका के बाजार में मौजूदा वित्तीय बाधाओं को कम करने और व्यापारिक अवसर बढ़ाने का अवसर है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में कई विवादों और उच्च टैरिफों के कारण तनावपूर्ण रहे हैं। हालांकि, इस फोन वार्ता और नए टैरिफ ऐलान के बाद दोनों देशों के बीच दोस्ताना और सहयोगात्मक संबंधों की उम्मीद बढ़ गई है।
इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि अमेरिकी बाजार भारत के निर्यात का एक बड़ा हिस्सा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम देश में रोजगार सृजन, विनिर्माण और निर्यात क्षमता को मजबूत करेगा।

