Ajit Pawar Plane Crash: बारामती में विमान हादसे में डिप्टी CM सहित 5 की मौत, 3 दिन का राजकीय शोक
बारामती, महाराष्ट्र – 28 जनवरी 2026: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP प्रमुख अजित पवार का विमान बुधवार की सुबह बारामती में क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी 5 लोग मारे गए। मृतकों में पवार के साथ उनके बॉडीगार्ड विंदिप जाधव, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली, और विमान के पायलट कैप्टन सुमित कपूर और कैप्टन शांभवी पाटिल शामिल थे।
अजित पवार उस समय जिला परिषद चुनाव के प्रचार के लिए बारामती जा रहे थे और उन्हें चार रैलियों को संबोधित करना था। इस हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार ने 3 दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान सरकारी भवनों पर झंडा आधा झुकाया जाएगा।
विमान का टाइमलाइन और हादसे का कारण
अजित पवार का विमान मुंबई से सुबह 8:10 बजे उड़ान भरने के बाद करीब 8:45 बजे रडार से संपर्क खो बैठा। रिपोर्ट्स के अनुसार विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग प्रयास के दौरान चट्टान से टकरा गया।
फ्लाइट रडार की जानकारी के अनुसार, विमान ने पहली बार लैंडिंग कैंसिल की। इसके बाद पायलट ने रनवे की दिशा में लौटने के लिए एक बड़ा लूप लिया। रडार पर हरा रंग लाल हो गया, जो यह संकेत था कि विमान सीधे रनवे पर उतरने की बजाय दोबारा अलाइन करने की कोशिश कर रहा था।
एक्सपर्ट्स की राय
एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि छोटे एयरपोर्ट जैसे बारामती में इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) नहीं होता। कोहरे या कम दृश्यता के कारण पायलट रनवे नहीं देख पाते। ऐसे में पायलट मैन्युअली लूप लेकर रनवे को देखने की कोशिश करते हैं। बताया जा रहा है कि इसी प्रयास के दौरान विमान चट्टान से टकरा गया और जोरदार टक्कर के कारण विमान तीन टुकड़ों में बंट गया और उसमें आग लग गई। इस हादसे में विमान में सवार सभी 5 लोग मारे गए।
राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र और देश भर की राजनीति में शोक का माहौल है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हादसे वाली जगह के लिए रवाना हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, और अन्य नेताओं ने संवेदना व्यक्त की है।
मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि
इस विमान हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। अजित पवार और अन्य मृतकों के परिवारों तथा समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है। राज्य में तीन दिन का शोक रहेगा और इस दौरान सभी सरकारी कार्यक्रम प्रभावित होंगे।

