CMPDI IPO Listing: कमजोर शुरुआत के साथ शेयर बाजार में उतरी कोल इंडिया की सब्सिडियरी, निवेशकों को झटका
सरकारी कंपनी Central Mine Planning and Design Institute Limited (CMPDIL) ने सोमवार को शेयर बाजार में अपनी शुरुआत की, लेकिन इसकी लिस्टिंग उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही। आईपीओ के जरिए बाजार में आई इस कंपनी के शेयर डिस्काउंट पर लिस्ट हुए, जिससे निवेशकों को पहले ही दिन निराशा का सामना करना पड़ा।
बीएसई और एनएसई दोनों ही एक्सचेंज पर CMPDI के शेयर गिरावट के साथ सूचीबद्ध हुए। BSE Sensex पर कंपनी का शेयर करीब 5.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 162.80 रुपये पर खुला, जबकि NSE Nifty 50 पर यह लगभग 6.97 प्रतिशत टूटकर 160 रुपये पर लिस्ट हुआ। कंपनी का इश्यू प्राइस 172 रुपये था, ऐसे में लिस्टिंग पर ही करीब 7 प्रतिशत का नुकसान देखने को मिला।
लिस्टिंग के समय CMPDIL का कुल मार्केट कैप लगभग 11,698.89 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर लिस्टिंग का मुख्य कारण आईपीओ को मिला सीमित रिस्पॉन्स और बाजार की मौजूदा परिस्थितियां हैं।
यह आईपीओ 20 मार्च को खुला था और 24 मार्च को बंद हुआ था। कंपनी ने इस पब्लिक इश्यू के जरिए कुल 1,842 करोड़ रुपये जुटाए। इसके तहत 10.71 करोड़ शेयर जारी किए गए थे। कंपनी ने 163 से 172 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। कर्मचारियों को प्रति शेयर 8 रुपये की छूट दी गई थी, जबकि रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 80 शेयर निर्धारित किए गए थे, जिसकी कुल कीमत 13,760 रुपये थी।
यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित था, जिसमें कंपनी की प्रमोटर Coal India Limited ने अपनी हिस्सेदारी बेची। इसका मतलब यह है कि इस इश्यू से जुटाई गई रकम सीधे कंपनी के बजाय प्रमोटर को गई।
सब्सक्रिप्शन की बात करें तो CMPDI के आईपीओ को निवेशकों से ज्यादा उत्साहजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, इस इश्यू को कुल मिलाकर केवल 1.05 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ। यह दर्शाता है कि निवेशकों के बीच इस आईपीओ को लेकर सीमित रुचि थी।
आईपीओ बंद होने के बाद 25 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट किया गया और 27 मार्च को निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट कर दिए गए थे। इसके बाद 30 मार्च को कंपनी ने शेयर बाजार में एंट्री ली।
विशेषज्ञों के अनुसार, CMPDI की कमजोर लिस्टिंग का एक कारण बाजार में चल रही अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता भी है। साथ ही, आईपीओ का पूरी तरह OFS होना भी निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक नहीं रहा, क्योंकि इससे कंपनी को सीधे पूंजी नहीं मिलती।
हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए CMPDI एक मजबूत पब्लिक सेक्टर कंपनी मानी जा सकती है, क्योंकि यह देश की सबसे बड़ी कोयला कंपनी Coal India Limited की सहायक कंपनी है और माइन प्लानिंग और डिजाइनिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करती है।
कुल मिलाकर, CMPDI की बाजार में एंट्री उम्मीद से कमजोर रही, लेकिन आने वाले समय में कंपनी के प्रदर्शन और सेक्टर की स्थिति पर नजर रखना निवेशकों के लिए अहम होगा।

