17 Feb 2026, Tue

41 साल के कप्तान ने रणजी ट्रॉफी में किया बड़ा कारनामा, 10 हजारी क्लब में शामिल होने वाले बने दूसरे प्लेयर

रणजी ट्रॉफी 2025-26: पारस डोगरा ने 10,000 रन का कारनामा किया, जम्मू-कश्मीर को सेमीफाइनल में पहुंचाया

जम्मू और कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में एक यादगार रिकॉर्ड अपने नाम किया। सेमीफाइनल मैच में 11 रन बनाते ही उन्होंने अपने फर्स्ट-क्लास करियर में 10,000 रन पूरे कर लिए। यह उपलब्धि उन्हें रणजी ट्रॉफी में इस आंकड़े तक पहुंचने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज के रूप में दर्ज कराती है। इससे पहले यह रिकॉर्ड दिग्गज वसीम जाफर के नाम था।

सेमीफाइनल में अहम भूमिका

जम्मू और कश्मीर की टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंची है। बंगाल के खिलाफ खेले जा रहे इस मुकाबले में टीम की शुरुआत खराब रही और 13 रन पर दो विकेट गिर गए। पारस डोगरा नंबर चार पर बल्लेबाजी के लिए आए और अब्दुल समद के साथ मिलकर 50 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस पारी में डोगरा ने 11 रन बनाकर 10,000 रन का आंकड़ा छुआ।

उनकी इस उपलब्धि ने जम्मू-कश्मीर टीम को आत्मविश्वास दिया और उन्होंने टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा। पारस डोगरा ने अपनी पारी में 112 गेंदों का सामना करते हुए 58 रन बनाए।

पारस डोगरा का रणजी ट्रॉफी करियर

पारस डोगरा ने 2001 में हिमाचल प्रदेश के लिए फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में पदार्पण किया। उन्होंने हिमाचल के लिए 95 रणजी ट्रॉफी मैच खेले और 6,418 से ज्यादा रन बनाए, जिसमें 19 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं।

2018 में उन्होंने पुडुचेरी टीम जॉइन की और पांच सीजन में 11 शतक बनाए। 2024-25 सीजन से पहले वह जम्मू और कश्मीर टीम में शामिल हुए और उन्हें कप्तान नियुक्त किया गया। इस सीजन में उन्होंने लगभग 500 रन बनाए हैं और टीम के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

सेमीफाइनल मैच का हाल

जम्मू-कश्मीर और बंगाल के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल में जम्मू-कश्मीर के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बंगाल की टीम पहली पारी में 328 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। जवाब में जम्मू और कश्मीर की टीम 5 विकेट के नुकसान पर 198 रन बना चुकी है।

पारस डोगरा की कप्तानी और अनुभव ने टीम को मुश्किल हालात में संभाला और सेमीफाइनल में उनका योगदान निर्णायक साबित हुआ। उनके नेतृत्व में जम्मू और कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल का सफर तय किया है, जो राज्य के क्रिकेट इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

इस रिकॉर्ड से पारस डोगरा का नाम भारतीय डोमेस्टिक क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में शामिल हो गया है और वह आने वाले वर्षों में युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगे।

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