लंदन: इंग्लैंड के ऑलराउंडर डैनी लैम्ब ने महज 30 साल की उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। यह फैसला उन्होंने मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह के बाद लिया। गंभीर गर्दन की चोट और स्पाइनल कॉर्ड को हुए नुकसान के कारण डॉक्टरों ने उन्हें आगे क्रिकेट न खेलने की सलाह दी, जिसके बाद लैम्ब ने अपने करियर को समाप्त करने की घोषणा की।
डैनी लैम्ब इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट में लंकाशायर और ससेक्स जैसे प्रमुख काउंटी क्लबों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अपने एक दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने तीनों प्रमुख प्रारूपों—फर्स्ट क्लास, लिस्ट-ए और टी20 क्रिकेट—में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
गर्दन की गंभीर चोट ने खत्म किया करियर
रिपोर्ट के अनुसार, इस सीजन की शुरुआत में लैम्ब को गर्दन में डिस्क हर्निएशन की समस्या हुई थी। इस चोट के कारण उनकी स्पाइनल कॉर्ड भी प्रभावित हुई, जिसके बाद उनकी स्थिति को गंभीर माना गया।
उन्होंने इलाज के लिए सर्जरी कराई, लेकिन ऑपरेशन के बाद भी वह पूरी तरह फिट नहीं हो सके। लगातार चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आगे क्रिकेट खेलना उनके लंबे समय के स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने संन्यास लेने का कठिन फैसला किया।
‘करियर का इस तरह खत्म होना बेहद कठिन’
अपने संन्यास की घोषणा करते हुए डैनी लैम्ब ने भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि चोट के कारण करियर का इस तरह समाप्त होना उनके लिए बेहद कठिन है। हालांकि उन्होंने माना कि लंबे समय के स्वास्थ्य को देखते हुए यही सबसे सही निर्णय था।
उन्होंने लंकाशायर और ससेक्स दोनों क्लबों का आभार जताते हुए कहा कि इन टीमों का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सम्मान की बात रही। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने और जीत में योगदान करने की कोशिश की।
शानदार रहा घरेलू क्रिकेट करियर
डैनी लैम्ब ने अपने करियर में बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावशाली प्रदर्शन किया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 38 मैचों में 1,232 रन बनाए और 68 विकेट लिए।
लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने 34 मुकाबलों में 592 रन बनाए और 45 विकेट हासिल किए।
वहीं टी20 क्रिकेट में भी उन्होंने उपयोगी ऑलराउंडर की भूमिका निभाई, जहां उनके नाम 578 रन और 61 विकेट दर्ज हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि वह अपनी टीमों के लिए एक बहुमुखी खिलाड़ी रहे।
काउंटी क्रिकेट के लिए झटका
लैम्ब का संन्यास इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट के लिए एक झटका माना जा रहा है। वह उन खिलाड़ियों में शामिल थे जो मध्यक्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने के साथ-साथ महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट भी दिलाने की क्षमता रखते थे।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वह चोट से नहीं जूझते, तो आने वाले वर्षों में इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती थी।
महज 30 वर्ष की उम्र में क्रिकेट को अलविदा कहना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन डैनी लैम्ब ने अपने भविष्य के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया। उनके संन्यास के बाद क्रिकेट जगत के कई खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

