3 Nov 2026, Tue

3 साल में बनकर तैयार होगा 74 km लंबा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, YEIDA ने इस कंपनी को सौंपा ठेका

उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक और बड़ा प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को सीधे जोड़ने वाले 74.4 किलोमीटर लंबे जेवर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के तैयार होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इसके अलावा, दोनों प्रमुख एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क बनने से यात्रियों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है।

2,086 करोड़ रुपये का मिला निर्माण ठेका

इस परियोजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में आने वाले 24.5 किलोमीटर लंबे हिस्से के निर्माण का ठेका एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को सौंपा गया है। इस हिस्से के निर्माण के लिए करीब 2,086 करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया है। पूरे 74.4 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के अलग-अलग हिस्सों का निर्माण संबंधित एजेंसियों और कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा।

परियोजना के लिए तीन साल की समयसीमा निर्धारित की गई है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह मार्ग क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रमुख औद्योगिक व शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन को सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

कहां से कहां तक जाएगा एक्सप्रेसवे?

प्रस्तावित जेवर लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र से शुरू होगा, जहां इसे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इसके बाद यह यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र से गुजरते हुए सेक्टर-21 स्थित फिल्म सिटी के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।

इस तरह गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच सीधा सड़क संपर्क स्थापित हो सकेगा। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ओर आने-जाने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। साथ ही, जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए भी कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

छह लेन का होगा एक्सप्रेसवे, भविष्य में आठ लेन की योजना

जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को ग्रीनफील्ड और एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। शुरुआती चरण में यह छह लेन का होगा, जबकि भविष्य में यातायात का दबाव बढ़ने पर इसे आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।

एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़क पर वाहनों के प्रवेश और निकास के लिए निर्धारित स्थान बनाए जाते हैं। इससे अनियंत्रित आवाजाही कम करने और यातायात को व्यवस्थित रखने में मदद मिलती है। इस तरह की सड़कें लंबी दूरी के सफर को अधिक सुविधाजनक बनाने में अहम मानी जाती हैं।

एयरपोर्ट और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सड़क नेटवर्क को मजबूती मिलने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रियों, कारोबारियों और माल परिवहन से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है।

इसके अलावा, एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना से मिलने वाले वास्तविक लाभ निर्माण पूरा होने और सड़क के चालू होने के बाद स्पष्ट होंगे। फिलहाल, तीन साल में इसे तैयार करने का लक्ष्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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