28 की उम्र में हुई थीं विधवा, पति की मौत के 4 दिन बाद शूटिंग पर लौटीं यह एक्ट्रेस, 100 से ज्यादा फिल्मों में कर चुकी हैं काम
एंटरटेनमेंट डेस्क:
साउथ इंडियन सिनेमा में कई ऐसी अभिनेत्रियां हैं जिन्होंने न सिर्फ अपनी एक्टिंग से पहचान बनाई, बल्कि निजी जिंदगी की कठिनाइयों को भी मजबूती से पार किया। ऐसी ही एक प्रेरणादायक अभिनेत्री हैं विनया प्रसाद, जिनका जीवन संघर्ष, साहस और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। बहुत कम लोग जानते हैं कि महज 28 साल की उम्र में विधवा हो जाने के बावजूद उन्होंने अपने करियर को कभी रुकने नहीं दिया और पति के निधन के सिर्फ चार दिन बाद ही शूटिंग पर लौट आई थीं।
‘चंद्रमुखी’ से मिली खास पहचान
रजनीकांत की सुपरहिट फिल्म ‘चंद्रमुखी’ देखने वाले दर्शक विनया प्रसाद को तुरंत पहचान लेंगे। इस फिल्म में उन्होंने अभिनेता नासर की पत्नी का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा। इसके अलावा वह ‘जय हिंद 2’ जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। टेलीविजन दर्शकों के बीच उन्हें हिट सीरियल ‘अनबे वा’ से खास पहचान मिली।
वॉइस आर्टिस्ट से बनीं लीडिंग एक्ट्रेस
कर्नाटक के उडुपी की रहने वाली विनया प्रसाद ने अपने करियर की शुरुआत एक वॉइस आर्टिस्ट के रूप में की थी। वह कॉमर्स में ग्रेजुएट हैं और उन्होंने कर्नाटक संगीत की ट्रेनिंग भी ली है। 1990 के दशक में वह कन्नड़ और मलयालम सिनेमा की लीडिंग एक्ट्रेस बनकर उभरीं।
भाषा की बाधा भी नहीं बनी रुकावट
विनया प्रसाद ने मलयालम फिल्म ‘पेरुंथचन’ से डेब्यू किया, जबकि उन्हें भाषा का कोई पूर्व ज्ञान नहीं था। शुरुआती दिनों में वह अपने मलयालम डायलॉग कन्नड़ में लिखकर याद किया करती थीं। उनकी मेहनत रंग लाई और जल्द ही वह मलयालम सिनेमा में भी लोकप्रिय हो गईं।
‘मणिचित्रथाझु’ और टीवी से मिली बड़ी सफलता
मलयालम क्लासिक फिल्म ‘मणिचित्रथाझु’ में श्रीदेवी के किरदार से उन्हें पूरे दक्षिण भारत में पहचान मिली। वहीं, मलयालम टीवी सीरियल ‘स्त्री’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जिसमें इंदु के उनके किरदार को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
28 की उम्र में टूटा जीवन, फिर भी नहीं हारीं हिम्मत
विनया प्रसाद की निजी जिंदगी बेहद दर्दनाक रही। उन्होंने फिल्म एडिटर प्रसाद से शादी की थी, लेकिन 28 साल की उम्र में ही पति का निधन हो गया। पति की मौत के सिर्फ चार दिन बाद काम पर लौटने के फैसले पर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। बाद में उन्होंने बताया कि काम पर लौटना उनके लिए दुख से उबरने और अपनी छोटी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने का जरिया था।
दोबारा बसाया घर, बेटी को रखा प्राथमिकता पर
सालों बाद, जब उनकी बेटी 14 साल की हुई, तब विनया ने ज्योति प्रकाश से दूसरी शादी की। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन समय के साथ उनका परिवार मजबूत हुआ। खास बात यह है कि उन्होंने अपने पहले पति का नाम ‘प्रसाद’ अपने नाम के साथ रखा, जिसे उनके दूसरे पति का पूरा समर्थन मिला।
100 से ज्यादा फिल्मों का शानदार करियर
विनया प्रसाद अब तक 100 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकी हैं और आज भी सिनेमा में सक्रिय हैं। उनकी प्रमुख फिल्मों में
‘गणेशना मडुवे’, ‘नीनु नक्कड़े हालु सक्कड़े’, ‘गौरी गणेशा’, ‘यारीगु हेल्बेडी’ और ‘मणिचित्रथाझु’ शामिल हैं।
