MCX पर चांदी में बंपर उछाल, इंट्राडे में ₹2,68,875 प्रति किलो तक पहुंची कीमत; सोना भी चमका
सोमवार को कमोडिटी बाजार में सोना और चांदी दोनों में तेज़ी का रुख देखने को मिला, लेकिन चांदी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर 5 मार्च डिलीवरी वाली चांदी का भाव 15,931 रुपये की जोरदार बढ़त के साथ 2,68,875 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,63,061 रुपये प्रति किलोग्राम का इंट्राडे लो भी छुआ।
सुबह 11:28 बजे तक चांदी 12,756 रुपये की तेजी के साथ 2,65,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी। पिछले हफ्ते शुक्रवार को चांदी 2,52,944 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, जिससे साफ है कि नए हफ्ते की शुरुआत तेज उछाल के साथ हुई।
सोने में भी मजबूती
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी मजबूती देखी गई। 2 अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 3,724 रुपये की तेजी के साथ 1,60,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। वहीं, कारोबार के दौरान इसने 1,58,117 रुपये प्रति 10 ग्राम का इंट्राडे लो भी दर्ज किया। सुबह के सत्र में सोना 2,789 रुपये की बढ़त के साथ 1,59,665 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। पिछले सप्ताह शुक्रवार को सोना 1,56,876 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म Choice Broking के अनुसार, अमेरिका में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वैश्विक आयात शुल्क बढ़ाने के संकेत और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार माहौल को अस्थिर कर दिया है। इसका सीधा असर कीमती धातुओं की मांग पर पड़ा है।
वहीं, Angel One के विश्लेषक प्रथमेश माल्या का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, Russia-Ukraine War और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्तियों में निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। ऐसे समय में सोना और चांदी पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माने जाते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक सोना और चांदी में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी का रुख जारी रह सकता है। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों को सावधानीपूर्वक रणनीति अपनाने और चरणबद्ध निवेश (staggered buying) पर विचार करने की सलाह दी जा रही है।
कमोडिटी बाजार में यह उछाल दर्शाता है कि वैश्विक घटनाक्रमों का सीधा प्रभाव घरेलू बाजारों पर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतक, डॉलर इंडेक्स की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियां सोना-चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

