नई दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली से सामने आई यह खबर बेहद चौंकाने वाली है। दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 से 15 जनवरी 2026 के बीच कुल 807 गुमशुदगी के मामले दर्ज किए गए। इनमें से करीब 63 फीसदी महिलाएं और लड़कियां हैं।
पुलिस रिपोर्ट बताती है कि राजधानी में हर दिन औसतन 54 लोग लापता हो रहे हैं। अब तक 235 लोगों को खोज लिया गया है, लेकिन 570 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।
नाबालिग लड़कियां सबसे ज्यादा जोखिम में
Delhi Police Report के मुताबिक,
191 नाबालिग लापता हुए
इनमें 146 लड़कियां और 45 लड़के शामिल हैं
किशोर वर्ग में स्थिति और गंभीर है।
169 किशोर लापता
इनमें 138 लड़कियां और 31 लड़के
इसके अलावा,
8–12 वर्ष के 13 बच्चे
8 वर्ष से कम उम्र के 9 बच्चे
भी लापता बताए गए हैं, जिनमें से अब तक केवल कुछ ही बच्चों का पता चल पाया है।
वयस्कों में भी बड़ी संख्या
रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान 616 वयस्क लापता हुए, जिनमें
363 महिलाएं
253 पुरुष
शामिल हैं। पुलिस ने अब तक 181 वयस्कों को बरामद किया है, जबकि 435 मामले अब भी अनसुलझे हैं।
पुराना संकट, बढ़ते आंकड़े
दिल्ली में गुमशुदगी कोई नई समस्या नहीं है।
2025 में 24,500 से ज्यादा लोग लापता
इनमें 60% से अधिक महिलाएं
पिछले 10 वर्षों में 2.3 लाख से ज्यादा गुमशुदगी के मामले
इनमें से करीब 52,000 लोग आज भी लापता
ये आंकड़े दिल्ली की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल
लगातार बढ़ते missing cases in Delhi ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि तुरंत ठोस कदम, निगरानी और तेज पुलिस कार्रवाई की जरूरत है।
Delhi Missing Persons 2026 की यह रिपोर्ट साफ इशारा करती है कि राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा अब केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि एक बड़ा सामाजिक और प्रशासनिक संकट बन चुकी है।

