भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 13 अगस्त को भी कमजोरी का दौर जारी रहा। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, विदेशी निवेशकों की सतर्कता और दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 24,350 के स्तर के करीब फिसल गया।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 103.03 अंक यानी 0.13% गिरकर 77,863.32 पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 75.40 अंक यानी 0.31% की गिरावट के साथ 24,360.55 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती सत्र में बाजार का रुख मिश्रित रहा, जहां 1,258 शेयर बढ़त में, 815 शेयर गिरावट में और 180 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार कर रहे थे।
रिलायंस और टाइटन में बिकवाली से बढ़ा दबाव
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बड़े और भारी वजन वाले शेयरों से आया। रिलायंस इंडस्ट्रीज में तेज बिकवाली देखने को मिली और इसका शेयर 1.14% गिरकर 1,313.90 रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह टाइटन कंपनी का शेयर भी 1.14% फिसलकर 5,041 रुपये पर आ गया।
इन दोनों दिग्गज शेयरों में कमजोरी का असर सीधे सेंसेक्स और निफ्टी पर देखने को मिला। निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक अनिश्चितता के कारण बाजार में दबाव बना रहा।
ग्रासिम और अल्ट्राटेक रहे टॉप लूजर
निफ्टी के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में ग्रासिम इंडस्ट्रीज सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहा। इसका शेयर 2.33% गिरकर 3,230.60 रुपये पर आ गया।
इसके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट में 2.15% की गिरावट दर्ज की गई और यह 11,635 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखा। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज का शेयर भी 1.91% टूटकर 1,057.90 रुपये के आसपास पहुंच गया।
सीमेंट और मेटल सेक्टर में कमजोरी के चलते बाजार की धारणा और कमजोर हुई।
अपोलो हॉस्पिटल्स ने दिखाई मजबूती
हालांकि बाजार में व्यापक बिकवाली के बीच कुछ चुनिंदा शेयरों ने अच्छी मजबूती दिखाई। अपोलो हॉस्पिटल्स शुरुआती कारोबार में 1.65% की बढ़त के साथ 8,739 रुपये पर पहुंचकर निफ्टी का टॉप गेनर बना।
इसके अलावा इटरनल का शेयर 1.08% चढ़कर 317.45 रुपये पर कारोबार करता नजर आया। श्रीराम फाइनेंस (0.95%), टेक महिंद्रा (0.87%) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (0.76%) भी हरे निशान में बने रहे और बाजार को कुछ हद तक सहारा देने की कोशिश की।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशक वैश्विक आर्थिक संकेतों, विदेशी निवेशकों के रुख और आगामी कॉरपोरेट नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं। पिछले कुछ सत्रों में आई तेजी के बाद कई बड़े शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।
यदि निफ्टी 24,300-24,350 के दायरे से नीचे फिसलता है तो आने वाले सत्रों में और कमजोरी देखने को मिल सकती है। वहीं 24,500 के ऊपर टिकने पर बाजार में कुछ राहत मिल सकती है।
फिलहाल घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है और निवेशक सतर्क रणनीति अपनाते नजर आ रहे हैं।

