13 साल बाद परिवार से मिला राजा गोप: 6 साल की उम्र में ट्रेन से भटककर केरल पहुंचा था बच्चा, गांव में जश्न का माहौल
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा इलाके से जुड़ी एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है। 6 साल की उम्र में अपने परिवार से बिछड़कर सैकड़ों किलोमीटर दूर पहुंच गया एक बच्चा 13 साल बाद आखिरकार अपने घर लौट आया। अब 19 साल के हो चुके राजा गोप के अपने परिवार से दोबारा मिलने पर पूरे गांव में खुशी का माहौल बन गया।
यह घटना झारखंड के चाईबासा के सोनुआ प्रखंड स्थित हरिमारा गांव की है। राजा गोप बचपन में अपने पिता के साथ मजदूरी के लिए पड़ोसी राज्य West Bengal गया था। वहां ईंट भट्ठे पर काम करते समय भीड़ में वह अपने पिता से बिछड़ गया। भटकते-भटकते वह गलती से एक ट्रेन में चढ़ गया, जो उसे सैकड़ों किलोमीटर दूर Kerala के एर्नाकुलम शहर तक ले गई।
एक्टिविस्ट्स ने की मदद
एर्नाकुलम पहुंचने के बाद स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस छोटे बच्चे को देखा और उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बाद में उसे एक शेल्टर होम में रखा गया। उस समय राजा को सिर्फ अपने माता-पिता के नाम याद थे और इतना पता था कि वह चाईबासा इलाके से है, लेकिन वह अपने गांव का नाम नहीं बता पा रहा था।
वक्त के साथ राजा वहीं पला-बढ़ा और उसने नई भाषा भी सीख ली। अब वह केवल मलयालम और हिंदी ही बोल पाता है और अपनी मातृभाषा लगभग भूल चुका है।
एनजीओ की मदद से मिला परिवार
इस साल फरवरी में राजा को केरल की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के स्किल डेवलपमेंट और पुनर्वास कार्यक्रम के तहत कन्नूर भेजा गया। वहां स्थानीय कार्यकर्ताओं ने Railway Children India नामक एनजीओ से संपर्क किया।
एनजीओ ने राजा का वीडियो बनाकर झारखंड के चाईबासा क्षेत्र में साझा किया। वीडियो देखने के बाद स्थानीय लोगों ने उसकी पहचान की और इस तरह उसके गांव हरिमारा का पता चल सका। इसके बाद झारखंड और केरल की संबंधित एजेंसियों ने मिलकर उसे परिवार से मिलाने की प्रक्रिया शुरू की।
गांव में हुआ भव्य स्वागत
जब राजा गोप अपने गांव हरिमारा पहुंचा तो पूरा गांव उसे देखने और स्वागत करने के लिए उमड़ पड़ा। स्कूल के बच्चों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला और महिलाओं ने पारंपरिक आदिवासी नृत्य किया।
इस दौरान राजा ने अपनी मां मानी गोप और अपनी चार बहनों को गले लगाया। लंबे समय बाद बेटे को सामने देखकर मां की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े।
राजा की मां ने भावुक होकर कहा कि वह चाहती हैं कि उनका बेटा उनके साथ ही रहे, लेकिन वह जानती हैं कि उसे अपनी पढ़ाई और खेल के सपनों को भी पूरा करना है।
फुटबॉल खिलाड़ी बन चुका है राजा
राजा गोप अब केरल में एक फुटबॉल क्लब के लिए खेलता है और वहीं अपनी पढ़ाई भी कर रहा है। उसने कहा कि वह अपने परिवार से मिलकर बेहद खुश है और भविष्य में अच्छी नौकरी मिलने के बाद अपनी मां और बहनों की मदद करना चाहता है।
उसने यह भी कहा कि वह कोशिश करेगा कि एक दिन अपने परिवार को भी केरल ले जाकर वहां बेहतर जिंदगी दे सके।
कई विभागों ने मिलकर किया प्रयास
इस पूरे मामले में झारखंड और केरल सरकार के कई विभागों ने मिलकर काम किया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने भी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने में मदद की।
सोनुआ पुलिस थाना की अधिकारी शशि बाला भेंगरा ने बताया कि राजा के परिवार से मिलान कराने में कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ीं। चूंकि उसके पिता का चार साल पहले निधन हो चुका है, इसलिए मां का हलफनामा भी लिया गया।
अब राजा कुछ दिनों तक अपने परिवार के साथ समय बिताएगा। 13 साल बाद हुए इस मिलन ने पूरे गांव को भावुक कर दिया है और लोगों के लिए यह उम्मीद और खुशी की एक बड़ी कहानी बन गई है।

