‘रामायण’ का 100 साल का सफर: मूक फिल्मों से मेगा बजट सिनेमा तक, अब Ranbir Kapoor की बारी
भारतीय संस्कृति में Ramayana केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि आस्था, आदर्श और जीवन मूल्यों का प्रतीक है। यही वजह है कि पिछले एक सदी से भी अधिक समय से यह महाकाव्य भारतीय सिनेमा और टेलीविजन के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। मूक फिल्मों के दौर से लेकर आधुनिक वीएफएक्स तकनीक तक, ‘रामायण’ को बार-बार नए अंदाज में पर्दे पर उतारा गया है।
भारतीय सिनेमा में ‘रामायण’ की शुरुआत 1917 में Dadasaheb Phalke की मूक फिल्म ‘लंका दहन’ से हुई थी। इसके बाद ‘राम जन्मा’ (1920), ‘भरत मिलाप’ (1942) और ‘राम राज्य’ (1943) जैसी फिल्मों ने इस कथा को लोकप्रिय बनाया। खास बात यह है कि ‘राम राज्य’ इतनी प्रभावशाली थी कि Mahatma Gandhi ने भी इसे देखा और सराहा था। 1961 में आई ‘संपूर्ण रामायण’ ने पूरी कथा को विस्तार से दर्शकों के सामने पेश किया, जबकि 1992 में बनी एनिमेटेड फिल्म ‘द लीजेंड ऑफ प्रिंस रामा’ आज भी पसंद की जाती है।
आधुनिक दौर में 2023 में रिलीज हुई Adipurush ने रामायण को हाई-टेक विजुअल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करने की कोशिश की, हालांकि इसे दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। इसके बावजूद, रामायण पर आधारित फिल्मों का सिलसिला कभी नहीं थमा और अलग-अलग भाषाओं में भी इस पर कई प्रोजेक्ट बनते रहे।
टीवी की दुनिया में ‘रामायण’ ने जो इतिहास रचा, वह आज भी बेमिसाल है। 1987 में Ramanand Sagar द्वारा बनाई गई ‘रामायण’ ने भारतीय टेलीविजन को नई पहचान दी। इसमें Arun Govil (राम) और Dipika Chikhlia (सीता) के किरदारों को लोगों ने भगवान का दर्जा दे दिया था। रविवार सुबह इस शो के प्रसारण के दौरान सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था। 2020 के लॉकडाउन में इसके पुनः प्रसारण ने टीआरपी के नए रिकॉर्ड बनाए।
इसके बाद भी कई टीवी शोज आए, जैसे 2008 की ‘रामायण’, 2015 की ‘सिया के राम’ और 2024 की ‘श्रीमद् रामायण’, जिन्होंने इस कथा को नए नजरिए से दर्शकों के सामने रखा। हर बार कहानी वही रही, लेकिन प्रस्तुति और दृष्टिकोण बदलता गया।
अब दर्शकों की नजरें निर्देशक Nitesh Tiwari की आगामी फिल्म ‘रामायण’ पर टिकी हैं, जिसे भारतीय सिनेमा का अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इस फिल्म में Ranbir Kapoor भगवान राम की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि साईं पल्लवी सीता, Yash रावण, Sunny Deol हनुमान और Ravi Dubey लक्ष्मण का किरदार निभाएंगे।
कुल मिलाकर, ‘रामायण’ का सफर भारतीय सिनेमा के विकास का भी आईना है। हर पीढ़ी ने इसे अपने तरीके से देखा और समझा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि नई तकनीक और भव्यता के साथ आने वाली यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।

