सोना-चांदी में हल्की तेजी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता; निवेशकों की नजर ट्रंप के अगले कदम पर
नई दिल्ली: वैश्विक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच मंगलवार को घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी दोनों में हल्की तेजी दर्ज की गई। हालांकि हाजिर बाजार में देश के अधिकांश शहरों में कीमतें लगभग स्थिर रहीं, जबकि दक्षिण भारत के कुछ शहरों में मामूली बढ़त देखने को मिली।
एमसीएक्स में सोना-चांदी की कीमत
Multi Commodity Exchange of India (एमसीएक्स) पर सुबह 10:13 बजे सोने का जून 2026 डिलीवरी अनुबंध 0.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,50,358 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
वहीं चांदी का मई 2026 डिलीवरी अनुबंध 0.39 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,34,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता नजर आया।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से वैश्विक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग के कारण देखी जा रही है।
महानगरों में सोने का हाजिर भाव
देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया।
Delhi में 24 कैरेट सोना 14,999 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट 13,750 रुपये और 18 कैरेट 11,253 रुपये प्रति ग्राम पर रहा।
Mumbai और Kolkata में 24 कैरेट सोना 14,984 रुपये, 22 कैरेट 13,735 रुपये और 18 कैरेट 11,238 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार करता दिखा।
दक्षिण भारत में Chennai में कीमतें थोड़ी अधिक रहीं, जहां 24 कैरेट सोना 15,120 रुपये, 22 कैरेट 13,860 रुपये और 18 कैरेट 11,560 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया।
Bengaluru में कीमतें मुंबई और कोलकाता के बराबर स्तर पर रहीं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता
वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में फिलहाल स्थिरता देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना लगभग 4,650 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है। पिछले दो सत्रों में गिरावट के बाद बाजार ने संतुलन बनाना शुरू किया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों की नजर फिलहाल Donald Trump के अगले कदम पर टिकी हुई है। ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई और उससे जुड़ी चेतावनियों ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
वैश्विक तनाव का असर
ईरान से जुड़े तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं ने वैश्विक बाजारों में हलचल पैदा कर दी है। कच्चे तेल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी से मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) का खतरा बढ़ गया है, जिससे केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद हाल के दिनों में सोने की कीमतों में करीब 12 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, जो निवेशकों के लिए चौंकाने वाला रहा है।
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में सोना अभी भी सुरक्षित निवेश का एक मजबूत विकल्प बना हुआ है, लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव जारी रह सकते हैं।
आने वाले दिनों में सोने की कीमतों की दिशा काफी हद तक वैश्विक राजनीतिक हालात, अमेरिकी नीतियों और ब्याज दरों के फैसलों पर निर्भर करेगी। फिलहाल बाजार सतर्क है और निवेशक हर छोटे-बड़े घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

