CM रेखा गुप्ता: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से राजनीतिक प्रतिनिधित्व का नया अध्याय शुरू होगा
दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने कहा है कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ देश में महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का एक नया अध्याय लिखेगा। उन्होंने इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
यह बयान उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के आर्ट्स फैकल्टी में आयोजित एक हस्ताक्षर अभियान कार्यक्रम के दौरान दिया, जहां उन्होंने स्वयं भी भाग लिया।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम में Rekha Gupta ने कहा कि देश के प्रशासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना आज की जरूरत है। उनके अनुसार, जब महिलाएं निर्णय लेने वाले पदों पर पहुंचेंगी, तभी समाज से जुड़े मुद्दों पर वास्तविक और प्रभावी बदलाव संभव होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल नारा नहीं, बल्कि एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसे योजनाओं और नीतियों के माध्यम से मजबूत किया जा रहा है।
‘लखपति बिटिया’ और ‘अनमोल’ योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार की ‘लखपति बिटिया’ और ‘अनमोल’ जैसी योजनाओं को महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने में मदद कर रही हैं।
PM मोदी के नेतृत्व की सराहना
इस मौके पर Rekha Gupta ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को एक ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को नई दिशा देगा।
लंबे संघर्ष का परिणाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग कोई नई नहीं है, बल्कि यह दशकों पुराना मुद्दा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्षों के संघर्ष के बाद 2023 में इस कानून का पारित होना एक बड़ी उपलब्धि है, जिसे अब प्रभावी तरीके से लागू करना जरूरी है।
युवाओं से आंदोलन का आह्वान
कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस अभियान को जन-आंदोलन बनाएं। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं समान रूप से निर्णय प्रक्रिया में भाग लेंगी, तभी लोकतंत्र वास्तव में मजबूत होगा।
छात्रों और शिक्षकों से संवाद
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं और महिला शिक्षकों के साथ संवाद किया और उनकी समस्याओं व सुझावों को सुना। उन्होंने चाय स्टॉल पर भी छात्रों से मुलाकात की, जिससे यह संदेश गया कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच संवाद जितना सरल होगा, नीतियां उतनी ही प्रभावी बनेंगी।
निष्कर्ष
Rekha Gupta ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ भारत में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगा।

