6 Apr 2026, Mon

सांवली-मोटी कहकर मजाक उड़ाया जाता था’, बचपन के दिनों को याद कर छलका दर्द, एक्ट्रेस ने शेयर किया पुराना किस्सा

समीरा रेड्डी ने झेली बॉडी शेमिंग, बचपन के दर्द को किया साझा

बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना चुकीं Sameera Reddy ने हाल ही में अपने बचपन से जुड़ा एक भावुक अनुभव साझा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि किस तरह उन्हें बचपन में उनके सांवले रंग और बढ़े हुए वजन को लेकर तानों और मजाक का सामना करना पड़ा था। एक्ट्रेस का यह खुलासा न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि समाज में फैली बॉडी शेमिंग जैसी गंभीर समस्या की ओर भी ध्यान दिलाता है।

समीरा रेड्डी ने अपने बचपन की कुछ अनदेखी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि उस समय उनमें बिल्कुल भी आत्मविश्वास नहीं था। लोग उन्हें “सांवली” और “मोटी” कहकर चिढ़ाते थे, जिससे उनके मन पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने बताया कि अगर वह आज अपने बचपन वाली खुद से मिल पातीं, तो उसे यह जरूर बतातीं कि वह आगे चलकर एक मजबूत और आत्मविश्वासी महिला बनने वाली है।

एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि जब वह मां बनीं, तब उन्होंने तय किया कि अपने बच्चों को सबसे पहले दया, करुणा और आत्मसम्मान का महत्व सिखाएंगी। उनके अनुसार, जीवन में संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता, खासकर तब जब बचपन में मिली नकारात्मक बातें मन में गहराई तक बैठ जाती हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि आज भी वह अपने अंदर की उस पुरानी सोच से बाहर निकलने की कोशिश कर रही हैं।

समीरा रेड्डी लंबे समय से बॉडी पॉजिटिविटी को बढ़ावा देती रही हैं। वह सोशल मीडिया पर बिना फिल्टर और बिना मेकअप वाली तस्वीरें शेयर करके यह संदेश देती हैं कि असली खूबसूरती आत्मविश्वास और सच्चाई में होती है। उनके इस कदम की फैंस और कई सेलेब्रिटीज ने भी सराहना की है।

अगर उनके फिल्मी करियर की बात करें तो उन्होंने साल 2002 में फिल्म Maine Dil Tujhko Diya से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने कई हिंदी और साउथ फिल्मों में काम किया। हालांकि, उन्होंने धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली। उनकी आखिरी हिंदी फिल्म Tezz थी, जबकि आखिरी बार वह कन्नड़ फिल्म Varadhanayaka में नजर आई थीं।

फिलहाल, समीरा रेड्डी फिल्मों से दूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस से लगातार जुड़ी रहती हैं। खबरों के अनुसार, वह ‘चिम्नी’ नाम की एक हॉरर फिल्म से वापसी कर सकती हैं, हालांकि इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

समीरा रेड्डी की यह कहानी समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि किसी के रूप-रंग या शरीर के आधार पर उसका मजाक उड़ाना कितना नुकसानदायक हो सकता है। उनका यह खुलासा लोगों को जागरूक करने और खुद को स्वीकार करने की प्रेरणा देता है।

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