Gold-Silver Price Today: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव, MCX पर गिरावट
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर दोनों कीमती धातुएं गिरावट के साथ कारोबार करती नजर आईं। हालांकि यह गिरावट सीमित दायरे में रही, लेकिन निवेशकों की नजरें अब भी वैश्विक हालात पर टिकी हुई हैं।
सोमवार को MCX पर 5 मई डिलीवरी वाला सोना 1258 रुपये यानी 0.86% गिरकर 1,44,674 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी की कीमत भी 1393 रुपये यानी 0.61% टूटकर 2,26,561 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब पिछले कुछ हफ्तों से कीमती धातुओं में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
कारोबार के दौरान सोने ने 1,45,932 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ओपनिंग की थी और दिन में 1,44,000 रुपये के निचले स्तर से लेकर 1,46,330 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंचा। इसी तरह चांदी ने 2,28,106 रुपये प्रति किलोग्राम पर शुरुआत की और 2,25,763 रुपये के लो से लेकर 2,28,786 रुपये के हाई तक कारोबार किया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों पर इस समय वैश्विक कारकों का सीधा असर पड़ रहा है। Iran और अन्य मध्य-पूर्वी देशों के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसके चलते डॉलर मजबूत हो रहा है।
सोमवार को डॉलर इंडेक्स लगातार चौथे सत्र में बढ़त के साथ 100 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बना रहा। डॉलर की मजबूती आमतौर पर सोने की कीमतों पर दबाव डालती है, क्योंकि मजबूत डॉलर के चलते अन्य मुद्राओं में सोना महंगा हो जाता है।
घरेलू बाजार की बात करें तो पिछले हफ्ते दिल्ली के सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। 99.9% शुद्धता वाला सोना 1,900 रुपये टूटकर 1,47,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं चांदी की कीमत 11,250 रुपये गिरकर 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर की मजबूती जैसे कारक बाजार की दिशा तय करेंगे।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचें और बाजार के रुझान को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाएं। दीर्घकालिक निवेशकों के लिए सोना अब भी एक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में सतर्कता बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोना-चांदी के बाजार में अस्थिरता जारी है और निवेशकों के लिए यह समय सोच-समझकर कदम उठाने का है।

