नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में बजट 2026 को लेकर मीडिया से बातचीत में कई अहम घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले 12 सालों में देश के लॉजिस्टिक खर्च को कम करने के लिए लगातार काम किया, और इसके परिणामस्वरूप भारत का लॉजिस्टिक कॉस्ट अब सिंगल डिजिट 9% पर आ गया है। यह चीन और यूरोप जैसे देशों के स्तर के करीब पहुंच गया है।
लॉजिस्टिक कॉस्ट कम करने की दिशा में प्रयास
गडकरी ने बताया कि किसी भी देश की आर्थिक ग्रोथ के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत में आयात-निर्यात पर खर्च होने वाले लॉजिस्टिक कॉस्ट पहले 14% से 16% था, जबकि चीन में यह 8% और यूरोप एवं अमेरिका में 12% है। आईआईटी की स्टडी के अनुसार, पिछले सालों में सरकार के प्रयासों से लॉजिस्टिक कॉस्ट में 5 से 6 प्रतिशत की गिरावट आई है।
रिस्क गारंटी फंड से बढ़ेगा निवेशक का भरोसा
गडकरी ने बजट 2026 में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहित करने के लिए रिस्क गारंटी फंड की स्थापना का भी उल्लेख किया। इसका उद्देश्य यह है कि महानगरपालिका, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के PPP प्रोजेक्ट्स में निवेश करने वाले प्राइवेट निवेशकों का विश्वास बढ़ सके।
राष्ट्रीय हाईवे और रेलवे टनल परियोजनाएं
मंत्री ने बताया कि सरकार करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय हाईवे पर टनल बना रही है। इसके अलावा रेलवे में भी कई टनल बनाए जा रहे हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 3.5 से 4 लाख करोड़ रुपये है। यह परियोजनाएं भारत की लॉजिस्टिक क्षमता को और मजबूत करेंगी।
मोटर एक्सिडेंट क्लेम पर टैक्स में राहत
नितिन गडकरी ने घोषणा की कि मोटर एक्सिडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले ब्याज पर अब इनकम टैक्स नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि पहले ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए ब्याज पर भी टैक्स लगता था, जो अब पूरी तरह से मुक्त रहेगा। इससे सड़क दुर्घटना पीड़ितों को आर्थिक राहत मिलेगी।
पूर्वोत्तर में बुद्ध सर्किट और इलेक्ट्रिक बसें
मंत्री ने पूर्वोत्तर के 6 राज्यों में बनने वाले बुद्ध सर्किट का भी उल्लेख किया। इस प्रोजेक्ट के तहत 4000 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी, जो पर्यावरण के अनुकूल होंगी। इससे न केवल पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि नई रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
नितिन गडकरी के अनुसार, ये सभी कदम न सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक सुधार को आगे बढ़ाएंगे, बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन में भी मदद करेंगे।

