शीर्षक: वैश्विक तनाव के बीच शेयर बाजार सपाट खुला, स्मॉलकैप और कई सेक्टर्स में गिरावट
सोमवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत सपाट रही। वैश्विक संकेतों और मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच निवेशकों में सतर्कता देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बाजार में हल्की बढ़त जरूर दिखाई दी, लेकिन कई सेक्टोरल इंडेक्स और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी ने बाजार की रफ्तार को सीमित कर दिया।
सुबह 9:15 बजे के आसपास बीएसई सेंसेक्स करीब 39.3 अंक की बढ़त के साथ 74,603.22 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं एनएसई का निफ्टी भी मामूली बढ़त के साथ 22.9 अंक ऊपर 23,174 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि शुरुआती तेजी के बावजूद बाजार में दबाव साफ दिखाई दिया और कई सेक्टर्स में गिरावट दर्ज की गई।
विशेष रूप से स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत तक गिर गया। इसके साथ ही मिडकैप इंडेक्स में भी लगभग 0.5 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। बाजार के जानकारों के मुताबिक वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण छोटे और मिडकैप शेयरों में अधिक दबाव बन रहा है।
सेक्टोरल स्तर पर भी बाजार में कमजोरी का रुख रहा। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कैपिटल गुड्स, ऑयल एंड गैस, पावर, रियल्टी, पीएसयू बैंक और मीडिया सेक्टर में 0.5 प्रतिशत से लेकर 1 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। इन सेक्टर्स में निवेशकों की मुनाफावसूली और कमजोर वैश्विक संकेतों का असर साफ नजर आया।
वहीं वैश्विक तेल बाजार में भी हलचल देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया, जिससे ऊर्जा से जुड़े सेक्टर्स में अस्थिरता बढ़ी। विश्लेषकों का मानना है कि मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के कारण तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जिसका असर वैश्विक और घरेलू बाजारों पर पड़ सकता है।
बाजार में कुछ बड़े शेयरों में हलचल भी देखने को मिली। निफ्टी पर शुरुआती कारोबार में जिन कंपनियों ने बढ़त दर्ज की, उनमें ग्रासिम इंडस्ट्रीज, जेएसडब्ल्यू स्टील, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, सिप्ला और टाटा स्टील प्रमुख रहे। इन शेयरों में निवेशकों की खरीदारी देखने को मिली।
दूसरी ओर कुछ कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। श्रीराम फाइनेंस, भारती एयरटेल, कोल इंडिया, ओएनजीसी और ट्रेंट जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इन स्टॉक्स में बिकवाली के कारण बाजार की तेजी सीमित रही।
इस बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की भारी बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। मिडिल-ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते विदेशी निवेशकों ने मार्च महीने में अब तक भारतीय शेयर बाजार से लगभग ₹52,704 करोड़ की निकासी की है। इससे बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।
हाल के दिनों में बाजार में तेज गिरावट भी देखने को मिली है। पिछले नौ कारोबारी सत्रों के दौरान निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹26.77 लाख करोड़ की गिरावट दर्ज की गई है। कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार पूंजीकरण में भारी कमी आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती नहीं है, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

