12 Mar 2026, Thu

सचिन तेंदुलकर को रिप्लेस करना चाहती थी BCCI, भारतीय दिग्गज का इस पर था क्या रिएक्शन? अब हुआ खुलासा

सचिन तेंदुलकर को रिप्लेस करने की तैयारी में थी चयन समिति? पूर्व चीफ सिलेक्टर संदीप पाटिल का बड़ा खुलासा

भारतीय क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में शामिल Sachin Tendulkar ने साल 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने शानदार करियर का अंत किया था। हालांकि अब एक ऐसा खुलासा सामने आया है जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया है। टीम इंडिया के पूर्व मुख्य चयनकर्ता Sandeep Patil ने बताया है कि साल 2012 में सचिन के खराब फॉर्म के चलते चयन समिति उनके संभावित रिप्लेसमेंट पर विचार कर रही थी।

संदीप पाटिल ने एक यूट्यूब शो में बातचीत के दौरान इस बात का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब सचिन तेंदुलकर लगातार खराब फॉर्म से गुजर रहे थे, तब चयन समिति ने उनके भविष्य को लेकर चर्चा की थी। पाटिल के मुताबिक उस समय बोर्ड में यह सवाल उठने लगा था कि क्या टीम को आगे बढ़ाने के लिए किसी नए खिलाड़ी को मौका दिया जाना चाहिए।

सचिन इस खबर से हो गए थे हैरान

संदीप पाटिल ने बताया कि जब उन्होंने सचिन से उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा तो वह इस सवाल से हैरान रह गए। सचिन ने उनसे पूछा कि आखिर यह सवाल क्यों किया जा रहा है। तब पाटिल ने उन्हें बताया कि चयन समिति उनके संभावित रिप्लेसमेंट के बारे में सोच रही है।

इस बात को सुनकर सचिन तेंदुलकर काफी चौंक गए थे। पाटिल के मुताबिक बाद में सचिन ने उन्हें फोन करके पूछा कि क्या यह बात सच में कही गई थी। पाटिल ने उन्हें स्पष्ट रूप से बताया कि चयन समिति वास्तव में उनके भविष्य को लेकर चर्चा कर रही थी।

चयनकर्ताओं के पास नहीं होता मजबूर करने का अधिकार

संदीप पाटिल ने अपने बयान में यह भी कहा कि चयनकर्ताओं के पास किसी खिलाड़ी को जबरदस्ती संन्यास लेने के लिए मजबूर करने का अधिकार नहीं होता। उन्होंने कहा कि चयन समिति सिर्फ खिलाड़ी से उसके भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछ सकती है, लेकिन किसी का करियर खत्म घोषित नहीं कर सकती।

उन्होंने बताया कि जब सचिन से पूछा गया कि वह आगे क्या करना चाहते हैं, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह अभी खेलना जारी रखना चाहते हैं। इसके बाद चयन समिति ने उनके फैसले का सम्मान किया और उन्हें खेलने का मौका मिलता रहा।

2012 में खराब रहा था सचिन का प्रदर्शन

दरअसल, साल 2011 में जब भारतीय टीम ने ICC Cricket World Cup 2011 का खिताब जीता था, उसके बाद सचिन तेंदुलकर के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली थी। साल 2012 उनके करियर के कठिन वर्षों में से एक रहा।

उस वर्ष सचिन ने 9 टेस्ट मैचों में सिर्फ 23.80 की औसत से रन बनाए थे, जबकि 10 वनडे मैचों में उनका औसत 31.50 रहा था। इस दौरान उनके बल्ले से एक भी शतक नहीं निकला था, जो उनके स्तर के खिलाड़ी के लिए असामान्य माना गया।

2013 में लिया संन्यास

हालांकि इसके बाद सचिन ने कुछ समय तक क्रिकेट खेलना जारी रखा और आखिरकार 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया। उन्होंने अपने इस फैसले की जानकारी चयन समिति को भी दी थी।

सचिन तेंदुलकर आज भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनका करियर कई रिकॉर्ड से भरा हुआ है। यही वजह है कि उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान बल्लेबाजों में गिना जाता है।

पूर्व चयनकर्ता संदीप पाटिल के इस खुलासे ने एक बार फिर उस दौर की चर्चा को ताजा कर दिया है, जब भारतीय क्रिकेट एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा था और नए खिलाड़ियों को टीम में जगह मिलनी शुरू हो रही थी।

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