22 Mar 2026, Sun

रवि मित्तल को मिली बड़ी जिम्मेदारी, 4 साल के लिए पीएमओ में डिप्टी सेक्रेटरी बने

आईएएस रवि मित्तल बने प्रधानमंत्री कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी, चार साल का कार्यकाल

छत्तीसगढ़ कैडर के युवा आईएएस अधिकारी रवि मित्तल को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति उनके करियर का एक अहम पड़ाव मानी जा रही है। वर्ष 2016 बैच के इस अधिकारी को चार साल की अवधि के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है या फिर अगले आदेश तक, जो भी पहले लागू हो।

प्रधानमंत्री कार्यालय में उनकी नियुक्ति को कैबिनेट की अपॉइंटमेंट्स कमिटी ने मंजूरी दी है, जिसकी अध्यक्षता नरेंद्र मोदी करते हैं। इसके बाद कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी किया।

आदेश के अनुसार, रवि मित्तल का कार्यकाल उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से शुरू होगा और चार साल तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, इस दौरान सरकार जरूरत के अनुसार उनके कार्यकाल या जिम्मेदारियों में बदलाव भी कर सकती है।

नियुक्ति से पहले रवि मित्तल छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क विभाग में आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ जनसंपर्क और सूचना तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी कार्यशैली और निर्णय क्षमता के चलते उन्हें एक कुशल और प्रभावी अधिकारी के रूप में देखा जाता है।

इससे पहले वह जशपुर जिले में कलेक्टर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जो कि वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का गृह जिला है। जशपुर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में उन्होंने विकास कार्यों, प्रशासनिक सुधारों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान दिया।

रवि मित्तल की पीएमओ में नियुक्ति को छत्तीसगढ़ कैडर के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी का पद बेहद अहम होता है, जहां नीति निर्माण, समन्वय और विभिन्न मंत्रालयों के बीच संवाद को मजबूत करने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में रवि मित्तल के अनुभव और कार्यकुशलता का लाभ केंद्र सरकार को मिलेगा।

युवा और ऊर्जावान अधिकारियों को इस तरह की जिम्मेदारियां देना केंद्र सरकार की उस नीति को भी दर्शाता है, जिसमें प्रशासनिक सुधार और बेहतर शासन के लिए प्रतिभाशाली अधिकारियों को आगे लाया जा रहा है।

कुल मिलाकर, रवि मित्तल की यह नियुक्ति न केवल उनके करियर के लिए एक बड़ा अवसर है, बल्कि देश के प्रशासनिक ढांचे में उनके योगदान को भी नई दिशा दे सकती है। आने वाले समय में उनकी भूमिका और फैसलों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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