कांग्रेस नेता Rahul Gandhi शनिवार को महाराष्ट्र के भिवंडी कोर्ट में पेश हुए, जहां उनके खिलाफ दायर आरएसएस मानहानि मामले में सुनवाई निर्धारित थी। कोर्ट पहुंचने से पहले उनके काफिले को मुलुंड टोल नाका पर भाजपा युवा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। विरोध के बीच राहुल गांधी तय कार्यक्रम के अनुसार कोर्ट पहुंचे और कानूनी प्रक्रिया में शामिल हुए।
भिवंडी कोर्ट में पेशी
राहुल गांधी आरएसएस से जुड़े मानहानि केस में पेश हुए। उनके वकील नारायण अय्यर ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि राहुल गांधी इस मामले में माफी नहीं मांगेंगे और ट्रायल का सामना करेंगे। उन्होंने बताया कि इस केस में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल नए जमानतदार बने हैं। इससे पहले इस मामले में शिवराज पाटिल जमानतदार थे, लेकिन उनके निधन के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत नए जमानतदार की आवश्यकता थी।
गौरतलब है कि यह मामला उस बयान से जुड़ा है जिसमें राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की हत्या को लेकर आरएसएस का नाम लिया था। इसी बयान को आधार बनाकर शिकायत दर्ज कराई गई थी।
शिकायतकर्ता का पक्ष
मामले के शिकायतकर्ता राजेश कुंटे ने कहा कि राहुल गांधी का बयान तथ्यात्मक रूप से गलत है और कई बार यह साबित हो चुका है कि महात्मा गांधी की हत्या से संघ का कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं, जिन्हें वे अदालत में पेश करेंगे।
राजेश कुंटे ने यह भी बताया कि पहली सुनवाई के दौरान उनके वकील ने राहुल गांधी से कहा था कि यदि वे माफी मांग लें तो केस वापस लिया जा सकता है, लेकिन राहुल गांधी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। कुंटे ने खुद को बचपन से स्वयंसेवक बताया और कहा कि उनका पूरा परिवार संघ से जुड़ा रहा है।
दिल्ली में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पेशी
इधर दिल्ली में भी कांग्रेस यूथ के कार्यकर्ताओं की कोर्ट में पेशी होनी है। इन कार्यकर्ताओं को भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के बाद विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। भाजपा ने इस प्रदर्शन को साजिश करार दिया था।
समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के समर्थन में कोर्ट पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे भाजपा और आरएसएस से डरने वाले नहीं हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भारत मंडपम में हुआ प्रदर्शन कोई साजिश नहीं था, बल्कि लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा था। उन्होंने यह भी कहा कि वे माफी नहीं मांगेंगे और केंद्र सरकार को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के सामने झुकने के मुद्दे पर माफी मांगनी चाहिए।
राजनीतिक माहौल गरम
राहुल गांधी की भिवंडी कोर्ट में पेशी और दिल्ली में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के समर्थन में विपक्षी नेताओं की मौजूदगी से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक ओर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक संघर्ष का मुद्दा बता रहे हैं, वहीं भाजपा और संघ इसे मानहानि और गलत बयानबाजी का मामला बता रहे हैं।
अब इस केस में अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां अदालत में दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और सबूत पेश करेंगे।

