दक्षिण कोरिया की फैक्ट्री में भीषण आग, 10 लोगों की मौत; कई घायल और लापता
दक्षिण कोरिया में एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दक्षिण कोरिया के मध्य शहर देजेओन में स्थित एक ऑटो पार्ट्स फैक्ट्री में भीषण आग लगने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 59 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे में कई लोग घायल हुए हैं और चार मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब 1:18 बजे सामने आई, जब फैक्ट्री परिसर में अचानक आग भड़क उठी। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग लगने की वजह एक संभावित विस्फोट हो सकती है, हालांकि अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना के बाद तुरंत बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। दक्षिण कोरिया गृह मंत्रालय और दक्षिण कोरिया सुरक्षा मंत्रालय के मुताबिक, आग बुझाने और राहत कार्यों के लिए 500 से अधिक अग्निशमनकर्मी, पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के कर्मियों को तैनात किया गया। करीब 120 से ज्यादा वाहनों और विशेष उपकरणों का भी इस्तेमाल किया गया, जिनमें अग्निशमन रोबोट और मानवरहित पानी की तोप वाहन शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, घायलों में 25 लोगों की हालत गंभीर है। कई लोग धुएं के कारण बेहोश हो गए, जबकि कुछ मजदूरों ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। शनिवार सुबह तक 28 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से चार की सर्जरी भी की गई है।
देजेओन के फायर चीफ नाम ड्यूक-वू ने बताया कि आग के कारण इमारत का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया। शुरुआती घंटों में अग्निशमनकर्मियों के लिए अंदर प्रवेश करना मुश्किल था, क्योंकि संरचना के ढहने का खतरा बना हुआ था। इसके चलते मानवरहित रोबोट्स की मदद से आग को नियंत्रित करने और तापमान कम करने की कोशिश की गई।
बचाव दलों ने जले हुए मलबे से 10 लोगों के अवशेष बरामद किए हैं। इनमें से एक शव दूसरी मंजिल पर मिला, जबकि बाकी नौ तीसरी मंजिल के एक हिस्से में पाए गए, जिसे जिम एरिया माना जा रहा है। मृतकों की पहचान के लिए डीएनए जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि अभी भी चार मजदूर मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। उन्हें निकालने के लिए मलबा हटाने का काम शुरू करने से पहले विस्तृत सुरक्षा जांच की जा रही है, ताकि बचावकर्मियों की जान को खतरा न हो।
आग के दौरान एक और बड़ा खतरा रासायनिक विस्फोट का था। अग्निशमनकर्मियों ने मौके से 100 किलोग्राम से अधिक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील रसायनों को सुरक्षित हटाया, जिससे स्थिति और बिगड़ने से बच गई।
इस हादसे के बाद ली जे म्युंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्यों में कोई कमी न छोड़ी जाए और सभी जरूरी संसाधनों को तुरंत मौके पर लगाया जाए।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच जारी है और प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

