12 Feb 2026, Thu

फाइनेंशियल फ्रॉड होने पर ग्राहकों को मिलेगा ₹25,000 तक का हर्जाना, RBI ने रखा प्रस्ताव

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल पेमेंट सिस्टम और बैंकिंग सेक्टर में बढ़ती तकनीकी अपनाने को ध्यान में रखते हुए नए दिशानिर्देशों के मसौदे की घोषणा की है। RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहकों के हितों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने और धोखाधड़ी के मामलों को कम करने के लिए तीन नए दिशानिर्देश तैयार किए जा रहे हैं।

गवर्नर ने बताया कि इन दिशानिर्देशों के तहत छोटी रकम के धोखाधड़ी वाले लेनदेन में हुए नुकसान के लिए ग्राहकों को 25,000 रुपये तक की हर्जाने की रूपरेखा लाई जाएगी। उनका कहना था कि डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए जल्द ही एक डिस्कशन पेपर भी प्रकाशित किया जाएगा, जिसमें ‘देरी से क्रेडिट’ और वरिष्ठ नागरिकों जैसे संवेदनशील वर्ग के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं।

तीन मुख्य दिशानिर्देश होंगे

  1. गलत बिक्री से संबंधित दिशानिर्देश – बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों द्वारा वित्तीय उत्पादों और सेवाओं की गलत बिक्री के मामलों पर नियंत्रण। यह सुनिश्चित करेगा कि ग्राहक को ऐसे उत्पाद मिले जो उनकी जरूरत और जोखिम क्षमता के अनुरूप हों।

  2. अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन में देनदारी की सीमा – 2017 में जारी मौजूदा निर्देशों की समीक्षा की गई है। नई रूपरेखा में यह स्पष्ट किया जाएगा कि ग्राहकों की देनदारी कब शून्य होगी और कब सीमित रहेगी।

  3. लोन रिकवरी और रिकवरी एजेंट से संबंधित दिशानिर्देश – यह ग्राहकों के हितों की रक्षा करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि रिकवरी प्रक्रिया पारदर्शी और अनुशासित तरीके से हो।

डिजिटल पेमेंट में देरी से क्रेडिट का प्रस्ताव

RBI डिजिटल ट्रांजैक्शन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए “देरी से क्रेडिट” नामक एक नई प्रक्रिया लागू करने पर विचार कर रहा है। इसमें कुछ ट्रांजैक्शन से प्राप्त पैसों को जानबूझकर रिसीवर के बैंक अकाउंट में थोड़ी देर बाद जमा किया जाएगा। इस कदम से धोखाधड़ी के मामलों को तुरंत पहचानने और रोकने में मदद मिलेगी।

जल्द सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी होंगे मसौदे

गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि संशोधित निर्देशों का मसौदा जल्द ही सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया जाएगा। इसका उद्देश्य डिजिटल और बैंकिंग लेनदेन को सुरक्षित बनाना और ग्राहकों को संभावित वित्तीय नुकसान से बचाना है।

RBI की पहल से बढ़ेगा ग्राहक विश्वास

ये नए दिशा-निर्देश न केवल डिजिटल पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित बनाएंगे बल्कि ग्राहकों का बैंकिंग और वित्तीय उत्पादों में विश्वास भी बढ़ाएंगे। साथ ही, यह धोखाधड़ी के मामलों में बैंक और वित्तीय संस्थानों की जवाबदेही को भी सुनिश्चित करेगा।

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