Viral Video: छात्र से पंखा झलवाती दिखीं शिक्षिका, सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक सरकारी स्कूल का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक छोटा छात्र हाथ से पंखा झलते-झलते थकता नजर आता है, जबकि एक शिक्षिका आराम से बैठी रहती हैं। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
बताया जा रहा है कि यह मामला Rewa जिले के एक सरकारी स्कूल से जुड़ा है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कक्षा में बिजली या पंखे की कोई व्यवस्था नहीं है। तेज गर्मी के बीच एक बच्चा खड़ा होकर शिक्षिका को हाथ से हवा कर रहा है। बच्चा बार-बार अपने हाथ बदलता है, उसके चेहरे पर थकान और परेशानी साफ झलकती है, लेकिन शिक्षिका पर इसका कोई असर नहीं पड़ता।
वीडियो में यह भी नजर आता है कि शिक्षिका या तो फोन पर बात कर रही हैं या ईयरफोन लगाकर व्यस्त हैं, जबकि छात्र लगातार पंखा झलता रहता है। कक्षा के अन्य बच्चे फर्श पर बैठे दिखाई देते हैं, जिससे स्कूल की बुनियादी सुविधाओं की कमी भी उजागर होती है।
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर एक हैंडल के जरिए शेयर किया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। हजारों लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी और शिक्षिका के व्यवहार को अमानवीय करार दिया। कई यूजर्स ने लिखा कि “बच्चे स्कूल पढ़ने जाते हैं, न कि सेवा करने के लिए।” वहीं कुछ लोगों ने इसे “बच्चों का शोषण” बताया और संबंधित शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। एक यूजर ने लिखा, “गर्मी में बच्चा पसीने से तर है और मैडम आराम से बैठी हैं, यह बेहद शर्मनाक है।” दूसरे यूजर ने कहा, “ऐसे लोगों को तुरंत सस्पेंड किया जाना चाहिए।” कई यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि सरकारी स्कूलों में आज भी बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, पंखे और ठंडे पानी की कमी क्यों बनी हुई है।
इस घटना ने न सिर्फ एक शिक्षक के व्यवहार को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की खामियों को भी उजागर किया है। अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल बच्चों के सीखने और विकास का स्थान होता है, जहां उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए।
हालांकि, इस मामले पर अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन वीडियो के वायरल होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि संबंधित विभाग इस मामले की जांच करेगा और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि शिक्षा के क्षेत्र में सिर्फ ढांचागत सुधार ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है।

