24 Feb 2026, Tue

दृश्यम-महाराज हो जाएंगी धुंआ-धुंआ, दिमाग की नसें खोल देगी 9.6 IMDb रेटिंग वाली वेब सीरीज, OTT पर राज कर रही सस्पेंस से भरी क्राइम थ्रिलर

कन्नड़ क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज ‘राक्षस’ ओटीटी पर धमाका: 9.6 IMDb रेटिंग के साथ सस्पेंस का तड़का

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सस्पेंस और क्राइम थ्रिलर कंटेंट का क्रेज लगातार बढ़ रहा है और इस बार कन्नड़ वेब सीरीज ‘राक्षस’ ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। इस साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर को रिलीज होते ही शानदार प्रतिक्रिया मिली है और इसे IMDb पर 9.6 की रेटिंग दी गई है।

कहानी की शुरुआत

‘राक्षस’ की कहानी मलप्रभा नदी के किनारे और ऐतिहासिक यल्लम्मा मंदिर के आसपास घटने वाली रहस्यमयी घटनाओं से शुरू होती है। नदी के तट पर आधे सड़े हुए शव मिलते हैं, जिन्हें शुरुआत में ग्रामीण और प्रशासन मगरमच्छ के हमले से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, पता चलता है कि मौतों के पीछे एक किसी इंसान का चालाक और क्रूर दिमाग काम कर रहा है।

कहानी में सब-इंस्पेक्टर हनमप्पा (Vijay Raghavendra) इस केस की जांच संभालते हैं। उनका किरदार पूरी तरह से सजीव है और दर्शकों को केस की घुटन और तनाव का एहसास दिलाता है।

सस्पेंस और साइकोलॉजिकल ट्विस्ट

जैसे-जैसे हनमप्पा कातिल की तलाश में आगे बढ़ते हैं, उनकी निजी जिंदगी प्रभावित होती है। उनके और गर्भवती पत्नी के रिश्ते में दरारें आती हैं। सीरीज केवल अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि यह मानसिक द्वंद्व और इंसानी मन की जटिलताओं को भी दर्शाती है। हनमप्पा कातिल को पकड़ पाएंगे या खुद रहस्यमयी जाल का हिस्सा बन जाएंगे—यही सवाल दर्शकों को अंत तक स्क्रीन से जोड़े रखता है।

तकनीकी और अभिनय में मास्टरी

‘राक्षस’ की सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर दर्शकों को लगातार तनाव और सस्पेंस में रखता है। निर्देशक सुहान प्रसाद और अपूर्व कुमार ने हर सीन में डर और रहस्य का संतुलन बखूबी बनाया है। विजय राघवेन्द्र के अलावा मयूरी क्यातारी, अप्पन्ना रामदुर्गा, अविनाश और जहांगीर एमएस जैसे कलाकारों ने अपने किरदारों में जान फूंक दी है। निर्माता तरुण सुधीर ने सुनिश्चित किया कि सीरीज की क्वालिटी ग्लोबल स्टैंडर्ड की हो।

ओटीटी प्लेटफॉर्म और रेटिंग

‘राक्षस’ वर्तमान में ZEE5 पर स्ट्रीम हो रही है। यह मूल रूप से कन्नड़ भाषा में है, लेकिन अन्य भाषाओं के दर्शकों के लिए सबटाइटल्स उपलब्ध हैं। सात एपिसोड की सीरीज का पहला एपिसोड मुफ्त में उपलब्ध है, ताकि दर्शक कहानी के डार्क वर्ल्ड की झलक ले सकें।

क्यों देखें ‘राक्षस’?

यदि आप ‘असुर’ या ‘पाताल लोक’ जैसी सस्पेंस-थ्रिलर वेब सीरीज के शौकीन हैं, तो ‘राक्षस’ आपके वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। कहानी, अभिनय और तकनीकी क्वालिटी का अनोखा मेल इसे क्राइम थ्रिलर प्रेमियों के लिए परफेक्ट बनाता है। IMDb रेटिंग और दर्शकों की प्रतिक्रियाओं से साफ है कि यह सीरीज जल्द ही एक कल्ट क्लासिक बनने की राह पर है।

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