रेखा गुप्ता सरकार का एक साल: 40–50% वादों पर प्रगति, 2026 पर टिकी बड़ी उम्मीदें
नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026। दिल्ली में बीजेपी सरकार के एक साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। 20 फरवरी 2025 को शपथ लेने के बाद से सरकार ने चुनावी संकल्प पत्र के कई वादों पर काम शुरू किया है। आधिकारिक दावों के मुताबिक, लगभग 40–50% वादे या तो पूरे कर दिए गए हैं या उनके क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा चुके हैं, जबकि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण से जुड़े वादों पर काम जारी है।
स्वास्थ्य और वेलफेयर में तेज रफ्तार
सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को लागू कर 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया है। सात लाख से अधिक कार्ड जारी होने का दावा है और आयुष्मान आरोग्य मंदिर (क्लीनिक) भी शुरू किए गए हैं।
गरीबों के लिए ‘अटल कैंटीन’ कई इलाकों में शुरू हो चुकी हैं, जहां 5 रुपये में भोजन मिल रहा है। निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए शिक्षा सहायता योजना और एससी/एसटी बस्तियों में आधारभूत ढांचे की परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।
महिला सशक्तिकरण पर फोकस
महिला समृद्धि योजना के तहत पात्र महिलाओं को 2,500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया गया था। इसके लिए 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान है, लेकिन योजना का पूर्ण क्रियान्वयन अभी बाकी है। पात्रता तय करने और डेटाबेस तैयार करने का काम जारी है।
सरकार ने ‘लखपति बिटिया योजना’ की घोषणा की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इसके तहत पात्र बेटियों को चरणबद्ध आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा राशन कार्ड नियमों में बदलाव कर परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला को मुखिया मानने का प्रावधान किया गया है।
बुनियादी ढांचे में निवेश
802 करोड़ रुपये की लागत से 400 किमी सड़कों के उन्नयन का काम शुरू हुआ है। ‘वॉल-टू-वॉल’ तकनीक से 241 प्रमुख सड़कों का पुनर्विकास किया जा रहा है। नेहरू प्लेस, पंजाबी बाग और ग्रेटर कैलाश में मल्टी-लेवल पार्किंग परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
2100 करोड़ रुपये की जल परियोजनाओं से जल आपूर्ति और सीवेज क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। ‘भू-आधार’ योजना के तहत जमीनों को यूनिक आईडी देने की प्रक्रिया भी मिशन मोड में है।
पर्यावरण और बड़े वादे: 2026 निर्णायक
यमुना सफाई, गाजीपुर-ओखला-भलस्वा लैंडफिल हटाने और दिल्ली की हवा को साफ करने जैसे बड़े वादों पर काम जारी है, लेकिन जमीनी असर अभी सीमित है। सरकार ने 2026 के अंत तक यमुना सफाई और कूड़े के पहाड़ खत्म करने का लक्ष्य रखा है।
ईवी नीति के तहत 500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं और चार्जिंग स्टेशन बढ़ाए जा रहे हैं, हालांकि लक्ष्य से अभी दूरी है।
निष्कर्ष
रेखा गुप्ता सरकार का पहला साल “तैयारी और आधार मजबूत करने” के रूप में देखा जा रहा है। स्वास्थ्य, वेलफेयर और बुनियादी सेवाओं में शुरुआती उपलब्धियां दिख रही हैं, लेकिन पर्यावरण और बड़े ढांचागत सुधारों की असली परीक्षा 2026 में होगी। यदि प्रदूषण नियंत्रण और यमुना सफाई में ठोस नतीजे दिखते हैं, तो सरकार को बड़ा राजनीतिक लाभ मिल सकता है; अन्यथा विपक्ष की आलोचना तेज होना तय है।

