दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम बातें साझा की। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण कोई एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि इसके लिए दीर्घकालीन प्रशासनिक योजना की आवश्यकता है।
मंत्री सूद ने कहा कि दिल्ली का अपना कोई मौसम नहीं है और प्रदूषण में आस-पास के राज्यों का बड़ा योगदान होता है। उन्होंने इस अवसर पर शिक्षा विभाग की ओर से बड़े ऐलान की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 10,000 कक्षाओं में एयर प्यूरीफायर लगाने का टेंडर जारी कर दिया गया है और बाद में दिल्ली के सभी स्कूलों के क्लास रूम में एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे। इससे स्मार्ट क्लास में पढ़ने वाले छात्रों को शुद्ध हवा मिलेगी।
आशीष सूद ने पूर्व की आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ बेरोजगार नेता वायु प्रदूषण के मुद्दों पर केवल बयानबाजी करते हैं। मंत्री ने सौरभ भारद्वाज का नाम लेते हुए कहा कि ये नेता कहते हैं कि दिल्ली के AQI मीटर ग्रीन बेल्ट में लगाए गए। उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया कि 2018 में लगे 20 AQI मीटर में से 30% मीटर ग्रीन बेल्ट में लगे थे, और इसका मकसद केवल प्रदूषण कम करना नहीं था। यह जानकारी CAG की रिपोर्ट में दर्ज है।
मंत्री ने अरविंद केजरीवाल सरकार की योजनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ओड-इवन योजना और रेड लाइट पर गाड़ी बंद करने जैसी पहलें केवल PR एक्सरसाइज थीं। DPCC की रिपोर्ट के अनुसार, इन उपायों से प्रदूषण में कोई खास कमी नहीं आई। आशीष सूद ने कहा कि पूर्व सरकार के पास विज्ञापन के लिए पैसा था, लेकिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधारने या धूल कम करने के लिए वित्तीय संसाधन नहीं थे।
आशीष सूद ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि पूर्व सरकार के तहत 45 करोड़ रुपये की सब्सिडी योजना लागू नहीं हुई, जबकि वर्तमान सरकार यह सब्सिडी प्रदान कर रही है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रदूषण कोई तात्कालिक समस्या नहीं है, इसे कम करने के लिए समग्र और दीर्घकालीन प्रशासनिक योजना की आवश्यकता है।
मंत्री के इन बयानों से यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कदम उठा रही है, चाहे वह शिक्षा क्षेत्र में एयर प्यूरीफायर लगाए जाने की योजना हो या EV पॉलिसी के तहत सब्सिडी का वितरण।

