गाजा शांति के लिए ट्रंप का बड़ा कदम: पीएम मोदी, पुतिन समेत वैश्विक नेताओं को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता
वॉशिंगटन:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में जारी लंबे संघर्ष के समाधान और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण की दिशा में एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। ट्रंप ने विश्व के कई शीर्ष नेताओं को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का विशेष न्योता भेजा है। इस सूची में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई प्रभावशाली वैश्विक नेता शामिल हैं। यह जानकारी रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन की ओर से दी गई है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पुष्टि करते हुए कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि रूस इस प्रस्ताव से जुड़ी सभी बारीकियों को लेकर वॉशिंगटन के साथ बातचीत कर रहा है और इसकी रूपरेखा को समझने की कोशिश कर रहा है।
ट्रंप करेंगे बोर्ड ऑफ पीस की अध्यक्षता
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान के अनुसार, गाजा से जुड़े ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की अध्यक्षता स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। यह बोर्ड गाजा में युद्ध के बाद शासन व्यवस्था, पुनर्निर्माण और स्थिरता की देखरेख करेगा। इसके साथ ही एक तकनीकी विशेषज्ञों से युक्त फिलिस्तीनी समिति भी गठित की जाएगी, जो जमीनी स्तर पर प्रशासनिक और विकास से जुड़े कार्यों को संभालेगी।
क्या है बोर्ड ऑफ पीस का उद्देश्य
व्हाइट हाउस के मुताबिक, बोर्ड ऑफ पीस ट्रंप के “कॉम्प्रिहेंसिव प्लान टू एंड द गाजा कॉन्फ्लिक्ट” नामक 20-सूत्रीय रोडमैप का अहम हिस्सा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गाजा में स्थायी शांति स्थापित करना, युद्ध से तबाह हुए बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण करना और वहां के लोगों के लिए सुरक्षित व समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करना है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप बनाया गया है। बोर्ड की भूमिका रणनीतिक निगरानी प्रदान करने, अंतरराष्ट्रीय संसाधनों को जुटाने, वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की होगी। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि वैश्विक नेताओं की भागीदारी से गाजा संकट का दीर्घकालिक समाधान निकल सकता है।
भारत और रूस की भूमिका अहम
विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन जैसे नेताओं को आमंत्रित किया जाना इस बात का संकेत है कि अमेरिका गाजा संकट के समाधान में भारत और रूस जैसी वैश्विक शक्तियों की भूमिका को अहम मानता है। भारत की कूटनीतिक संतुलन नीति और रूस की क्षेत्रीय पकड़ इस पहल को मजबूती दे सकती है।
कुल मिलाकर, ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’ गाजा में शांति, स्थिरता और विकास की दिशा में एक महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर अब पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

