राजपाल यादव चेक बाउंस मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, जानिए पूरा अपडेट
नई दिल्ली: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और कॉमेडियन Rajpal Yadav एक बार फिर अपने पुराने चेक बाउंस मामले को लेकर सुर्खियों में हैं। करोड़ों रुपये के इस मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच किसी भी तरह का समझौता नहीं हो सका। इसके बाद अदालत ने इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
इस मामले में राजपाल यादव पर करीब 5 करोड़ रुपये के लोन और उससे जुड़े चेक बाउंस का आरोप है। यह विवाद सालों पुराना है और अब भी पूरी तरह सुलझा नहीं है, जिसके चलते यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद साल 2012 में आई फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है, जिसे खुद राजपाल यादव ने डायरेक्ट किया था। फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई, जिसके कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
घाटे की भरपाई के लिए राजपाल यादव ने कथित तौर पर कई चेक जारी किए, जिनमें से कुछ चेक बाउंस हो गए। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा और कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
कोर्ट ने पहले भी सुनाई थी सजा
साल 2018 में कोर्ट ने चेक बाउंस के मामले में राजपाल यादव को धारा 138 के तहत दोषी करार दिया था। इसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा। इसी साल फरवरी में उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था और कुछ समय जेल में बिताने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।
जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव अपने निजी जीवन और पारिवारिक कार्यक्रमों में भी नजर आए थे। उन्होंने अपनी भतीजी की शादी में भी हिस्सा लिया था।
कोर्ट में आज की सुनवाई
आज की सुनवाई में दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश की गई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। इसी कारण अब अदालत ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। आने वाले दिनों में कोर्ट इस मामले पर अंतिम फैसला सुना सकती है।
राजपाल यादव ने अदालत में यह भी कहा कि वे कोर्ट के हर आदेश का सम्मान करते हैं और उसका पालन करेंगे।
करियर पर असर के बावजूद वापसी
कानूनी विवादों के बावजूद राजपाल यादव ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी वापसी जारी रखी है। वे कई प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे हैं और हाल ही में फिल्म ‘भूत बंगला’ के सेट से उन्होंने कुछ तस्वीरें भी साझा की थीं। इससे यह साफ है कि वे अपने करियर को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।
निष्कर्ष
राजपाल यादव का यह मामला भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में वित्तीय विवादों और कानूनी जिम्मेदारियों का एक बड़ा उदाहरण बन गया है। अब सबकी नजरें दिल्ली हाईकोर्ट के आने वाले फैसले पर टिकी हैं, जो इस लंबे समय से चले आ रहे मामले को नई दिशा दे सकता है।

