Ranji Trophy में इतिहास: जम्मू-कश्मीर पहली बार फाइनल में, बंगाल को हराकर रचा कीर्तिमान
भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक नई इबारत लिखी गई है। Jammu and Kashmir cricket team ने पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। सेमीफाइनल में स्टार खिलाड़ियों से सजी Bengal cricket team को हराते हुए जम्मू-कश्मीर ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। चौथी पारी में 126 रन का लक्ष्य टीम ने 6 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया और फाइनल का टिकट कटाया।
आकिब नबी बने जीत के हीरो
इस यादगार जीत के नायक रहे Aqib Nabi, जिन्हें लगातार दूसरे मैच में प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। नबी ने मैच में कुल 9 विकेट झटके, जिसमें पहली पारी में पांच विकेट शामिल थे। उनकी धारदार गेंदबाजी ने बंगाल की मजबूत बल्लेबाजी को झकझोर कर रख दिया।
गेंदबाजी के साथ-साथ Abdul Samad ने बल्ले से अहम योगदान दिया। पहली पारी में 82 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलने के बाद उन्होंने दूसरी पारी में नाबाद 30 रन बनाकर टीम को जीत तक पहुंचाया।
मैच में उतार-चढ़ाव
बंगाल की पहली पारी में Sudip Kumar Gharami ने 146 रन की शानदार पारी खेली, जिससे टीम 328 रन तक पहुंची। इसके बाद Mohammed Shami ने घातक गेंदबाजी करते हुए आठ विकेट झटके और बंगाल को 26 रन की बढ़त दिलाई। ऐसा लग रहा था कि मैच पूरी तरह बंगाल के नियंत्रण में है।
लेकिन जम्मू-कश्मीर ने जवाबी हमला किया। अब्दुल समद के 82 और आकिब नबी के 42 रनों की बदौलत टीम ने 300 का आंकड़ा पार किया। दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों ने मैच का रुख पलट दिया। नबी ने चार विकेट लिए, जबकि सुनील कुमार ने भी चार बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। बंगाल की पूरी टीम सिर्फ 99 रन पर सिमट गई।
दबाव में दिखाया दम
126 रन का लक्ष्य कागज पर भले आसान दिख रहा था, लेकिन सेमीफाइनल का दबाव अलग ही होता है। बंगाल के गेंदबाजों ने पूरी ताकत झोंकी, मगर जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों ने संयम बनाए रखा और 6 विकेट रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।
क्वार्टर फाइनल से जारी है नबी का जलवा
आकिब नबी का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा है। क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश के खिलाफ उन्होंने 110 रन देकर 12 विकेट झटके थे—पहली पारी में 7 और दूसरी में 5 विकेट। उसी प्रदर्शन की बदौलत टीम 56 रन से जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
अब जम्मू-कश्मीर की नजर खिताब पर है। फाइनल में उसका सामना कर्नाटक और उत्तराखंड के बीच जारी सेमीफाइनल के विजेता से होगा। अगर टीम इसी आत्मविश्वास और संतुलन के साथ खेलती रही, तो वह रणजी ट्रॉफी जीतकर भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक और नया अध्याय लिख सकती है।

