रणजी ट्रॉफी 2025-26 के क्वार्टर फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रच दिया है। 9 फरवरी को इंदौर में खेले गए इस मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने मध्य प्रदेश को 56 रनों से हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। यह टीम के लिए रणजी ट्रॉफी में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
जम्मू-कश्मीर ने मध्य प्रदेश के सामने कुल 291 रन का लक्ष्य रखा था। पहले बल्लेबाजी करते हुए जम्मू-कश्मीर ने अपनी पहली पारी में 194 रन बनाए, जबकि मध्य प्रदेश की पहली पारी सिर्फ 152 रन पर समाप्त हुई। इस पारी में दिल्ली कैपिल्स के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने धमाकेदार गेंदबाजी की और सात विकेट अपने नाम किए।
जम्मू-कश्मीर ने अपनी दूसरी पारी में 248 रन बनाए, जिसके बाद मध्य प्रदेश को जीत के लिए 291 रनों का लक्ष्य मिला। हालांकि इस लक्ष्य का पीछा करना मध्य प्रदेश के लिए आसान नहीं था। उनके पास रजत पाटीदार और देवदत्त पडीक्क्ल जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद थे, लेकिन मध्य प्रदेश की टीम तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक 76 रन पर पांच विकेट खो चुकी थी।
जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने दूसरी पारी में भी कमाल का प्रदर्शन किया और 70 रन खर्च करके 5 विकेट चटकाए। इस तरह दोनों पारियों को मिलाकर उनके खाते में कुल 12 विकेट दर्ज हुए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी मिला।
मध्य प्रदेश के लिए सारांश जैन ने 64 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन उनके आउट होने के बाद टीम की पारी पूरी तरह से ढह गई और पूरी टीम 234 रन पर ऑलआउट हो गई। मध्य प्रदेश के कप्तान रजत पाटीदार दोनों पारियों में फ्लॉप रहे, पहले पारी में 10 और दूसरी पारी में केवल 8 रन बनाकर आउट हुए।
इस जीत के साथ जम्मू-कश्मीर ने न केवल क्वार्टर फाइनल में बाज़ी मारी, बल्कि सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर इतिहास रच दिया। टीम के लिए यह उपलब्धि उनकी मेहनत और दृढ़ निश्चय का परिणाम है। आकिब नबी के शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन ने इस ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई।
अब टीम फैंस की निगाहें सेमीफाइनल में अगले मुकाबले पर टिकी हुई हैं। जम्मू-कश्मीर की टीम इस शानदार प्रदर्शन के बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ सेमीफाइनल में उतरेगी और रणजी ट्रॉफी 2025-26 में अपनी जीत की संभावनाओं को और मजबूत करेगी।

