नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित पूरे भारत में बुधवार को कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। यह लगातार दूसरा दिन है जब सोना और चांदी में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। पिछले हफ्ते की भारी बिकवाली और करेक्शन के बाद निवेशकों की सुरक्षित एसेट्स में दिलचस्पी बढ़ी है।
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, चांदी में 14,300 रुपये या 5.03% की तेजी दर्ज की गई और कीमत बढ़कर 2,98,300 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई। वहीं, 99.9% शुद्ध सोने की कीमत में 7,400 रुपये या 4.69% की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह 1,65,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गई। मंगलवार का बंद भाव 1,57,700 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
वैश्विक बाजार और डॉलर की कमजोरी
ट्रेडर्स और एनालिस्ट्स के मुताबिक, इस तेजी के पीछे वैश्विक बाजार में मजबूत रुझान और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी प्रमुख कारण हैं। लेमॉन मार्केट्स के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा कि सोना और चांदी दोनों ने तेज उतार-चढ़ाव और करेक्शन के दौर के बाद बुधवार को मजबूती दिखाई। सोना 3% से ज्यादा चढ़कर 1.6 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंचा, जबकि चांदी इंट्रा-डे में लगभग 6% तक उछली।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोना और चांदी मजबूत स्थिति में हैं। स्पॉट चांदी 4.28 डॉलर या 5.03% बढ़कर 89.35 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है, जबकि स्पॉट सोना 100.03 डॉलर या 2.02% की तेजी के साथ 5,047.07 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
भू-राजनीतिक तनाव का असर
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से निवेशक सुरक्षित एसेट्स की ओर लौट रहे हैं। अमेरिका-ईरान टकराव इस हफ्ते होने वाली परमाणु वार्ता की उम्मीदों को कमजोर कर रहा है। इससे वॉशिंगटन और तेहरान के बीच टकराव बढ़ने की आशंका बढ़ी है, जो सोने में रिस्क प्रीमियम और सेफ-हेवन एसेट्स की मांग को और मजबूत कर सकती है।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अल्पकालिक मूवमेंट्स के साथ-साथ मैक्रो फैक्टर्स पर भी नजर रखें। कीमती धातुएं अभी भी अस्थिरता के दौर से गुजर रही हैं और वैश्विक आर्थिक व भू-राजनीतिक घटनाओं से प्रभावित हो सकती हैं। निवेशकों को लंबी अवधि के दृष्टिकोण से सुरक्षित एसेट्स में निवेश पर ध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि वे रोज़मर्रा की मार्केट हलचल में फंसे रहें।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि हाल की तेजी दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अवसर भी प्रदान कर रही है, क्योंकि कीमतों में सुधार और रिकवरी की संभावनाएं बनी हुई हैं।
निष्कर्ष
सोना और चांदी में बुधवार की तेजी ने निवेशकों के भरोसे को बढ़ाया है। अमेरिकी डॉलर की कमजोरी, वैश्विक बाजारों का सकारात्मक रुझान और अमेरिका-ईरान के बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने इस उछाल में मुख्य भूमिका निभाई। निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास और सुरक्षा की दृष्टि से निवेश करने पर ध्यान देना चाहिए।

