Silver Price Crash: रिकॉर्ड हाई से 35% टूटी चांदी, क्या आगे 30% और गिरावट संभव?
नई दिल्ली:
सोना-चांदी में हालिया बिकवाली ने निवेशकों को चौंका दिया है। बीते शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को कीमती धातुओं में दशकों की सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जहां सोना 11% से ज्यादा टूट गया, वहीं COMEX पर चांदी में 31% से अधिक की भारी गिरावट देखने को मिली। इस तेज करेक्शन के बाद चांदी की कीमत अपने रिकॉर्ड हाई $121.755 प्रति औंस से करीब 35% नीचे आ चुकी है।
Livemint की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपर्ट्स का मानना है कि चांदी में अभी करेक्शन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और बड़े संस्थागत निवेशक आगे भी मुनाफावसूली जारी रख सकते हैं। ऐसे में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की ओपनिंग बेहद अहम मानी जा रही है।
चांदी में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
जानकारों के अनुसार, चांदी और सोने में आई इस भारी गिरावट के पीछे कई बड़े वैश्विक फैक्टर जिम्मेदार हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श को अगला फेडरल रिजर्व चेयरमैन नामित किए जाने के बाद बाजार में बड़ा मैक्रो री-प्राइसिंग देखने को मिला।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि वॉर्श की सख्त मुद्रास्फीति नीति और फेड की स्वतंत्रता पर जोर देने वाली सोच के चलते:
डॉलर मजबूत हुआ
रियल यील्ड में तेजी आई
सोने और चांदी में बने ओवर-लीवरेज्ड पोजिशन तेजी से अनवाइंड हुए
इसका नतीजा यह हुआ कि बाजार में ताबड़तोड़ बिकवाली देखने को मिली और अरबों डॉलर का मार्केट कैप साफ हो गया।
CME के फैसले से बढ़ा दबाव
कीमती धातुओं पर दबाव तब और बढ़ गया जब शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने मार्जिन मनी बढ़ाने का फैसला किया।
सोने पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8%
चांदी पर मार्जिन 11% से बढ़ाकर 15%
SEBI रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, मार्जिन बढ़ने से ट्रेडर्स की लागत बढ़ती है, जिससे शॉर्ट टर्म में कीमतों पर और दबाव बन सकता है।
क्या चांदी अब ‘बबल जोन’ में है?
जानकारों का मानना है कि भले ही चांदी की स्ट्रक्चरल डिमांड (सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और इंडस्ट्रियल यूज़) बनी हुई है, लेकिन मौजूदा स्तरों पर चांदी बबल जोन में है।
एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि:
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत जून 2026 तक $50 प्रति औंस तक गिर सकती है
यानी मौजूदा स्तर से करीब 30% और गिरावट संभव है
भारत की बात करें तो:
MCX पर चांदी का भाव फिलहाल करीब ₹2,92,000 प्रति किलो है
जून 2026 तक यह ₹2 लाख प्रति किलो तक फिसल सकता है
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा माहौल में चांदी में निवेश करने से पहले सतर्कता जरूरी है। शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है, जबकि लॉन्ग टर्म निवेशकों को भी चरणबद्ध तरीके से ही एंट्री लेने की सलाह दी जा रही है।

