उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में चराई के दौरान भेड़ों के एक झुंड ने फैक्ट्री से निकल रहे जहरीले और दूषित पानी को पी लिया, जिसके बाद 25 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग 50 भेड़ों की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह भेड़ें चर रही थीं, वहीं पास में एक फैक्ट्री से रासायनिक कचरा मिला पानी खुले में बह रहा था। प्यास लगने पर भेड़ों ने वही पानी पी लिया, जिससे कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। कई भेड़ों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर हालत वाली भेड़ों को पशु चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्राथमिक जांच में फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने फैक्ट्री संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरण प्रदूषण और औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय किसानों और पशुपालकों में गुस्सा है और वे मुआवजे व कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
👉 सवाल यह है कि अगर समय रहते ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं की गई, तो इसका असर सिर्फ पशुओं पर ही नहीं बल्कि इंसानों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी पड़ेगा।

