4 Feb 2026, Wed

गाजा-मिस्र मार्ग को जोड़ने वाली राफा क्रॉसिंग को 2 साल बाद खोलने जा रहा इजरायल, 1 फरवरी से शुरू होगा आवागमन

Rafah Crossing Reopens: करीब 2 साल बाद खुलेगा गाजा–मिस्र राफा क्रॉसिंग, सीमित आवाजाही को मिलेगी मंजूरी

इजरायल और गाजा के बीच जारी तनाव के माहौल के बीच एक अहम और राहत भरी खबर सामने आई है। इजरायल ने घोषणा की है कि वह गाजा को मिस्र से जोड़ने वाली राफा क्रॉसिंग को करीब दो साल बाद फिर से खोलने जा रहा है। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, यह सीमा क्रॉसिंग इस सप्ताहांत से दोनों दिशाओं में आंशिक रूप से खोल दी जाएगी, जिससे फिलिस्तीनियों को गाजा में प्रवेश और बाहर निकलने की अनुमति मिलेगी।

सीमित आवाजाही की होगी इजाजत

गाजा में सहायता समन्वय के लिए जिम्मेदार इजरायली सैन्य निकाय COGAT ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि राफा क्रॉसिंग पर फिलहाल केवल लोगों की सीमित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि आम यातायात पूरी तरह बहाल नहीं होगा, बल्कि कड़ी निगरानी और सुरक्षा जांच के बाद ही लोगों को आने-जाने दिया जाएगा।

युद्धविराम योजना की दिशा में अहम कदम

राफा क्रॉसिंग का दोबारा खुलना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा युद्धविराम योजना के लिहाज से एक बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला क्षेत्र में मानवीय हालात सुधारने और भविष्य में स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत हो सकता है।

गाजा की बाहरी दुनिया से जीवनरेखा

राफा क्रॉसिंग को गाजा की बाहरी दुनिया से जुड़ने का मुख्य द्वार माना जाता है। यह सीमा मई 2024 से बड़े पैमाने पर बंद थी, जिसके कारण गाजा के लाखों नागरिकों को इलाज, शिक्षा और अन्य जरूरी जरूरतों के लिए बाहर जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। क्रॉसिंग बंद रहने से मानवीय संकट और भी गहराता चला गया।

सुरक्षा जांच होगी सख्त

इजरायली अधिकारियों के अनुसार, राफा क्रॉसिंग से गुजरने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा जांच की जाएगी। इजरायल और मिस्र दोनों देश संयुक्त रूप से एंट्री और एग्जिट की जांच करेंगे। इसके अलावा, इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी यूरोपीय संघ के बॉर्डर पैट्रोल एजेंट्स द्वारा की जाएगी, ताकि सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

लौट सकेंगे गाजा छोड़ चुके फिलिस्तीनी

इजरायल-हमास युद्ध के दौरान जो फिलिस्तीनी गाजा छोड़कर बाहर चले गए थे, उन्हें अब वापस लौटने का मौका मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए उन्हें इजरायली सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। यह फैसला उन हजारों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से अपने घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे थे।

पहले था विरोध, अब बदला रुख

गौरतलब है कि इजरायल पहले राफा क्रॉसिंग को दोबारा खोलने के पक्ष में नहीं था। लेकिन सोमवार को गाजा में अंतिम बंधक के अवशेषों की बरामदगी के बाद हालात बदले और इस फैसले का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद से ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इस कदम को सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर, राफा क्रॉसिंग का दो साल बाद फिर से खुलना न सिर्फ गाजा के लोगों के लिए राहत की खबर है, बल्कि मध्य पूर्व में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी मानी जा रही है।

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