3 Mar 2026, Tue

खामेनेई की मौत पर ट्रंप बोले- “इससे पहले कि वह मुझे मार देता, मैंने उसे मार गिराया, उसने 2 बार कोशिश की”

वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत को लेकर बड़ा और विवादित बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने खामेनेई को पहले मार गिराया, इससे पहले कि खामेनेई उन्हें निशाना बनाते।

ट्रंप का बड़ा दावा

ट्रंप ने कहा, “मैंने उसे (खामेनेई) पहले मार गिराया, इससे पहले कि वह मुझे मार गिराता। उसने दो बार कोशिश की। खैर, मैंने उसे पहले ही मार गिराया।” यह बयान अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म The Spectator Index के हवाले से सामने आया है और इसके बाद वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

ट्रंप के इस बयान ने पहले से ही तनावपूर्ण माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर लगातार सैन्य हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों के बीच खामेनेई की मौत की खबर सामने आई थी, जिसके बाद क्षेत्र में हालात और बिगड़ गए।

ईरानी सेना को चेतावनी

इससे पहले भी ट्रंप ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड, सेना और पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा था कि वे हथियार डाल दें, अन्यथा “निश्चित मृत्यु” का सामना करें। उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के लिए जरूरी है।

ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, “लगभग 50 वर्षों से ये कट्टरपंथी अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाते रहे हैं। वे दुनिया के नंबर एक आतंकवाद प्रायोजक हैं। अब ये असहनीय धमकियां और नहीं चलेंगी।”

‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का जिक्र

ट्रंप ने बताया कि पिछले 36 घंटों से अमेरिका और उसके सहयोगी ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ चला रहे हैं। इस अभियान के तहत ईरान में सैकड़ों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि रिवोल्यूशनरी गार्ड के बेस, एयर डिफेंस सिस्टम और नौसैनिक प्रतिष्ठानों को तबाह कर दिया गया है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि नौ जहाजों और उनके नौसैनिक भवन को नष्ट कर दिया गया है। उनके मुताबिक, ईरान का पूरा सैन्य कमान तंत्र खत्म हो चुका है और कई अधिकारी आत्मसमर्पण करने की कोशिश कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा

ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह दावा आधिकारिक रूप से पुष्टि होता है, तो इसका मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा।

हालांकि, अब तक ईरान की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। क्षेत्र में जारी हमलों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और दोनों पक्षों की ओर से आक्रामक रुख जारी है।

दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाएगा और क्या कूटनीतिक समाधान की कोई संभावना बनती है या नहीं।

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