25 Mar 2026, Wed

कैबिनेट ने IVFRT योजना को 5 साल तक जारी रखने की दी मंजूरी, आधुनिक बनेगा इमिग्रेशन और वीजा सिस्टम

IVFRT Scheme: कैबिनेट ने इमिग्रेशन और वीजा सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए IVFRT योजना को 2031 तक बढ़ाया

केंद्र सरकार ने इमिग्रेशन, वीजा, विदेशियों के पंजीकरण और ट्रैकिंग से जुड़ी IVFRT Scheme को अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दे दी है। यह योजना अब 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी, जबकि इसकी मौजूदा अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाली थी। सरकार इस योजना के विस्तार पर लगभग 1800 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने जानकारी दी।

IVFRT योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण ई-गवर्नेंस पहल है, जिसे गृह मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में आने वाले विदेशी नागरिकों के लिए वीजा, इमिग्रेशन और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रियाओं को सरल, तेज और सुरक्षित बनाना है। इस सिस्टम के जरिए सभी सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में सुधार हुआ है।

डिजिटल और टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम

IVFRT योजना उभरती हुई तकनीकों को अपनाकर इमिग्रेशन सिस्टम को आधुनिक बना रही है। इसमें मोबाइल आधारित सेवाएं, ऑनलाइन वीजा आवेदन और सेल्फ-सर्विस कियोस्क जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं की मदद से यात्रियों को एयरपोर्ट और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर तेज और सुविधाजनक सेवाएं मिलती हैं। पहले जहां कागजी प्रक्रिया में काफी समय लगता था, वहीं अब अधिकांश काम डिजिटल माध्यम से मिनटों या घंटों में पूरे हो जाते हैं।

विदेशी नागरिक इस प्लेटफॉर्म के जरिए घर बैठे ऑनलाइन वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं, वीजा एक्सटेंशन का अनुरोध कर सकते हैं और आवश्यक पंजीकरण भी पूरा कर सकते हैं। इससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी बनती है।

सुरक्षा के लिहाज से अहम

IVFRT योजना केवल सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की सुरक्षा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस सिस्टम की मदद से सरकार भारत में प्रवेश करने वाले विदेशी नागरिकों की निगरानी और ट्रैकिंग कर सकती है। इससे सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों और उनके प्रवास की अवधि पर नजर रखने में सहायता मिलती है।

यह प्लेटफॉर्म विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और विभागों को एकीकृत डेटा प्रदान करता है, जिससे समन्वय बेहतर होता है और संभावित खतरों की पहचान समय रहते की जा सकती है। इस तरह IVFRT देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है।

ई-गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम

IVFRT योजना भारत के डिजिटल गवर्नेंस मॉडल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाती है, बल्कि नागरिकों और विदेशी यात्रियों दोनों के लिए सेवाओं को अधिक सुगम और प्रभावी बनाती है। सरकार का मानना है कि इस योजना के विस्तार से इमिग्रेशन सिस्टम और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत होगा।

कुल मिलाकर, IVFRT योजना का विस्तार भारत के इमिग्रेशन और वीजा सिस्टम को नई दिशा देगा। इससे न केवल विदेशी यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि देश की सुरक्षा और प्रशासनिक क्षमता भी मजबूत होगी।

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